मां अन्नपूर्णा दर्शन: साल में चार दिन ही मिलते हैं माता के दर्शन, धनतेरस से अन्नकूट तक श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन
मां अन्नपूर्णा के दर्शन 2 नवंबर मंगलवार से शुरू होंगे और 5 नवंबर शुक्रवार तक चलेंगे। इस दौरान माता भक्तों पर खजाना लुटाएंगी। इस दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराया जाएगा।
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हर साल धनतेरस से शुरू होने वाली स्वर्णमयी अन्नपूर्णा का दर्शन इस वर्ष 2 नवंबर से (धनतेरस पर्व) से शुरू होगा, जो 5 नवंबर अन्नकूट पर्व तक चलेगा। दर्शन-पूजन और आयोजन को लेकर गुरुवार को बांसफाटक स्थित श्रीकाशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट के दूसरी शाखा के सभागार में एक पत्रकार वार्ता आयोजित की गई।
महंत शंकरपुरी ने बताया कि इस वर्ष भी पूरा विश्व कोरोना महामारी से लड़ रहा है। बाबा विश्वनाथ और मां भगवती के आशीर्वाद व्यवस्थाएं धीरे-धीरे पटरी पर आ गई हैं। हालांकि खतरा अभी टला नहीं है। उन्होंने बताया कि धनतेरस दिन से शुरू हो रहे स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के दर्शन के दौरान कोविड-19 के बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का पालन करवाते हुए भक्तों को दरबार में प्रवेश दिया जाएगा।
भक्त मंदिर के प्रथम तल पर स्थित माता के दर्शन करेंगे। गेट पर ही माता का खजाना और लावा वितरण भक्तों में किया जाएगा। केवल पहले दिन ही भक्तों को पीछे के रास्ते से राम मंदिर परिसर होते हुए कालिका गली से निकास दिया जाएगा।
मंदिर प्रबंधक काशी मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर में जगह-जगह वालेंटियर तैनात किए जाएंगे। थर्मल स्कैनिंग और हैंड सेनिटाइजेशन के बाद भक्तों को माता के दरबार में प्रवेश दिया जाएगा। भक्तों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग भी कराई जाएगी।
सुरक्षा की दृष्टी से मंदिर परिसर में दो दर्जन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। मेडिकल की व्यवस्था की भी रहेगी। स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा का छोटी दीपावली से अन्नकूट पर्व तक के दर्शन भोर में 4 बजे से रात्रि 11 बजे तक होगा। वीआईपी समय शाम 5 से 7 रहेगा। वृद्ध और दिव्यांगों के लिए दर्शन की सुगम व्यवस्था रहेगी। प्रेसवार्ता के दौरान प्रो रामनरायण द्विवेदी समेत मंदिर परिवार सदस्य मौजूद रहे।