धर्मनगरी काशी पूरे देश के साथ विदेशों में अपनी महत्ताओं के लिए मशहूर है। लोग यहां गंगा-घाट, धार्मिक स्थानों के साथ-साथ यहां के खान-पान का लुत्फ उठाने आते हैं। लेकिन अभी बनारस में 'लूसी' देशी-विदेशी पर्यटकों के बीच काफी मशहूर हो रही है।
आपको बता दें ये एक 'लूसी' नाम का रेस्टोरेंट है, जो एक डॉगी के नाम पर रखा गया है। भदोही के रहने वाले अरुण मौर्या ने बताया कि यह उनका पालतू डॉगी है, जिसके नाम पर उन्होंने रेस्टोरेंट खोला है। रेस्टोरेंट में आने वाले देशी-विदेशी मेहमान इसके साथ काफी समय बिताते हैं, साथ ही उसके साथ एक खूबसूरत माहौल बन जाता है, जो उन्हें बहुत अच्छा महसूस कराता है।
अरूण मौर्या को 2015 में पढ़ाई के बाद बैंगलोर में जॉब मिली। लेकिन उनका वहां मन नहीं लगा। वह अपने शहर में रहकर कुछ करने की ललक के साथ उसी साल जॉब छोड़कर आ गए। बनारस के करीबी शहर के होने के चलते उन्हें भी काफी खाने-पीने का शौक था। इसके बाद अपने नए विचार के साथ उन्होंने बनारस के लंका में लूसी के नाम से रेस्टोरेंट खोला, लेकिन किसी कारण उन्हें रेस्टोरेंट बंद करना पड़ा। उस समय लूसी पांच महीने की थी।
फिर उन्होंने तीन साल बाद फिर से शहर के पांडेय घाट पर 2019 को जनवरी में 'लूसी' नाम से ही रेस्टोरेंट खोला। लूसी अब काफी बड़ी हो चुकी थी, तो उन्होंने उसको ट्रेनिंग देनी शुरू की। रेस्टोरेंट में देश-विदेश से आए मेहमान भी उसके साथ समय बिताना पसंद करते हैं। जब वह खाना खाते हैं, तो वह उनके आसपास ही घूमती रहती है।
अच्छी ट्रेनिंग देने से वह किसी को परेशान नहीं करती है। वह पर्यटकों के साथ रेस्टोरेंट में ही खेलती है। न वह किसी को काटती है और न ही किसी का खाना खाती है। वह कहते हैं कि लूसी को बहुत साफ-सफाई के साथ रखते हैं। उसके बाद से वह पर्यटकों में काफी चर्चित हो गया।