फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow encounter After Munna Bajrangi murder hanuman pandey was handling Mukhtar gang shooter was ready for gang

मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद मुख्तार गिरोह संभाल रहा था हनुमान पांडेय, गिरोह के लिए शूटर कर रहा था तैयार

Mon, 10 Aug 2020 10:29 AM IST
गीतार्जुन गौतम पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी
पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Mon, 10 Aug 2020 10:29 AM IST
विज्ञापन
Lucknow encounter After Munna Bajrangi murder hanuman pandey was handling Mukhtar gang shooter was ready for gang
हनुमान पांडेय। - फोटो : अमर उजाला

लखनऊ में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया 50 हजार का इनामी बदमाश हनुमान पांडेय उर्फ राकेश पांडेय इन दिनों पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उतर प्रदेश तक मुख्तार गिरोह के लिए शूटर तैयार कर रहा था। सरकारी पिस्टल छीन कर हत्या करने में माहिर रहे हनुमान के मुखबिर पुलिस महकमे में भी थे। इसी के चलते ही हनुमान वास्तविक मायने में पुलिसिंग करने वाली टीम की आंखों में धूल झोंक कर बचता रहा।

विज्ञापन

मऊ जिले के कोपागंज थाने के लिलारी भरौली गांव में पैदा हुआ हनुमान पांडेय नब्बे के दशक से ही मुख्तार अंसारी से जुड़ गया था। ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह उर्फ मन्ना सिंह और राम सिंह मौर्या के बाद विधायक कृष्णानंद राय की हत्या जैसे बहुचर्चित मामलों में मुख्तार का साथ देने के कारण हनुमान पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक जरायम जगत में सुर्खियों में रहा।
विज्ञापन



वह मुख्तार गिरोह के मोबाइल टावर के डीजल सप्लाई के ठेकों के साथ ही रेलवे और पीडब्ल्यूडी के ठेकों को भी देखता था। बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या हुई और फिर मुख्तार अंसारी पंजाब जेल में शिफ्ट हो गए। इसके बाद लगभग दो साल से उत्तर प्रदेश में मुख्तार गिरोह का पूरा काम हनुमान के ही जिम्मे था।

विज्ञापन
विज्ञापन

नए शूटर तैयार करना और गिरोह को आर्थिक मजबूती देना हनुमान का काम था। इस बीच हनुमान लगातार अपने घर आता-जाता रहा, लेकिन उसकी भनक पुलिस को नहीं लग पाई। सूत्रों के अनुसार, हनुमान ने पंजाब में मुख्तार से मुलाकात का भी प्रयास किया था, लेकिन उसे सफलता नहीं मिल पाई थी।

वेश बदलने में माहिर था बदमाश हनुमान
हनुमान को उसकी जवानी के दिनों से जानने वाले मऊ के लोगों के अनुसार, वह वेश बदलने में माहिर था। इससे कई बार उसने पुलिस को चकमा दिया। कई बार चेकिंग के दौरान खुद को घिरता देखकर वह चरवाहा या तो ट्रैक्टर चालक बनकर आसानी से निकल जाता था। पुलिस यदि पकड़ भी लेती थी तो हनुमान अपनी पहचान जाहिर नहीं होने देता था। ऐसा वह मऊ और सुल्तानपुर में कई बार कर चुका था।

जेल के भीतर भी थी गजब की पैठ :
जेल के भीतर हनुमान की गजब की पैठ थी। जब 2012 में वह सुल्तानपुर की जेल में था और पेशी पर मऊ आया था तो तीन दिन निजी व्यवस्था में रहा था। अमर उजाला के मऊ जिले के संस्करण में यह खबर छपी थी तो तत्कालीन एसपी जोगेंद्र कुमार की रिपोर्ट के आधार पर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। इसी तरह से हनुमान जब-जब जेल में रहा, तब-तब उसका सिक्का सलाखों के भीतर से खूब चला।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed