काशी पुराधिपति शिव की नगरी में विराजेंगे भगवान वेंकटेश्वर, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट बोर्ड ने लगाई मुहर
भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर के लिए पिछले साल से ही तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट बोर्ड वाराणसी में जमीन की तलाश कर रहा है। संभावना है कि गंगा के किनारे घाट पर ही वेंकटेश्वर भगवान विराजेंगे।
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श्री काशी विश्वनाथ की नगरी में जल्द ही भगवान वेंकटेश्वर विराजेंगे। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट बोर्ड ने इस पर मुहर लगा दी है। जम्मू की तर्ज पर टीटीडी ट्रस्ट ने वाराणसी और मुंबई में भी भगवान वेंकटेश्वर के श्रीवारी मंदिर निर्माण की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।
भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर के लिए पिछले साल से ही ट्रस्ट वाराणसी में जमीन की तलाश कर रहा है। संभावना है कि गंगा के किनारे घाट पर ही वेंकटेश्वर भगवान विराजेंगे। ट्रस्ट के अध्यक्ष वाई वी सुब्बा रेड्डी ने बताया कि श्रीवारी मंदिरों की शृंखला कश्मीर से कन्याकुमारी तक बनाने की योजना है।
इसके लिए धर्म प्रचारम अभियान चलाया जा रहा है। आंध्र और तेलंगाना में 500 स्थानों पर भगवान वेंकटेश्वर के श्रीवारी मंदिर की स्थापना कराई जा रही है। जम्मू में भी श्रीवारी मंदिर का निर्माण चल रहा है जो अगले 18 महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा।
टीटीडी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी मंदिरों में गुडिको गोमाथा योजना का विस्तार किया जाएगा, यानी हर मंदिर की अपनी गोशाला होगी। यह योजना पहले से 100 मंदिरों में लागू है। तिरुपति मंदिर भारत का सबसे बड़ा मंदिर है।
आम दिनों में यहां प्रतिदिन 60 से 70 हजार लोग दर्शन के लिए आते हैं। खास मौकों पर यह संख्या पांच से 10 लाख तक पहुंच जाती है। तिरुपति मंदिर को सबसे ज्यादा चढ़ावे वाला मंदिर भी माना जाता है। बीते 18 जून को ही मंदिर को एक करोड़ रुपये का दान मिला था।