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खंभा फाड़कर प्रकट हुए भगवान नरसिंह, किया हिरण्यकश्यप का वध

Sun, 15 May 2022 12:39 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 15 May 2022 12:39 AM IST
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Lord Narasimha appeared after tearing the pillar, killed Hiranyakashipu
भगवान विष्णु अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए खंभा फाड़कर नरसिंह रूप में प्रकट हुए। आततायी दैत्य हिरण्यकश्यप का वध करके उन्होंने अपने भक्त के साथ ही संपूर्ण सृष्टि की रक्षा की। भगवान का नरसिंह अवतार साक्षात देखकर श्रद्धालु भी श्रद्धा से नत हो गए। शनिवार को प्रह्लाद घाट पर चल रही पांच दिवसीय नरसिंह लीला के चौथे दिन नरसिंह लीला का मंचन किया गया।
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लीला की शुरुआत में जब हिरणकश्यप अपने पुत्र प्रह्लाद को तरह- तरह की यातनाएं देकर हार जाता है तो क्रोधित होकर अपनी बहन होलिका से कहता है कि वह अपनी गोद में प्रह्लाद को लेकर प्रज्ज्वलित अग्नि में चली जाए। क्योंकि होलिका को वरदान था कि वह अग्नि में नहीं जलेगी। जब होलिका ने प्रह्लाद को लेकर अग्नि में प्रवेश किया तो प्रह्लाद का बाल भी बांका नहीं हुआ, पर होलिका जलकर राख हो गई। इसके बाद हिरणकश्यप और क्रोधित हो जाता है। अपने पुत्र को मारने के लिए लोहे के एक खंभे को गर्म कर लाल प्रह्लाद को उसे गले लगाने के लिए कहता है। खंभे से भगवान विष्णु नृसिंह के रूप में प्रकट हुए और हिरणकश्यप को महल के प्रवेश द्वार की चौखट पर, जो न घर के बाहर था न भीतर, गोधूलि बेला में, जब न दिन था न रात, आधा मनुष्य, आधा पशु जो न नर था न पशु ऐसे नरसिंह के रूप में अपने लंबे तेज नाखूनों से जो न अस्त्र थे न शस्त्र से मार देते हैं। भगवान प्रह्लाद के साथ ही संपूर्ण सृष्टि को दैत्य हिरणकश्यप से मुक्ति दिलाते हैं। इस प्रकार हिरणकश्यप अनेक वरदानों के बावजूद अपने दुष्कर्मों के कारण भयानक अंत को प्राप्त हुआ।
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देर रात तक जमे रहे लोग
लीला का मंचन देर रात तक चलता रहा और लीला समिति ने पूरे घाट को विद्युत झालरों से सजाया था। लीला के मंचन को देखने के लिए शाम से ही लोग घाट की सीढ़ियों पर जमा हो गए थे। घाट की सीढ़ियों पर कचौड़ी, छोला- पापड़, चूड़ा, चिप्स, सहित कई अस्थायी दुकानें भी लगाई गई थीं। लोग देर रात तक लीला देखने के साथ खान-पान का भी लुत्फ उठाते रहे।
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नृसिंह टीला आश्रम में धूमधाम से मना नृसिंह प्राकट्योत्सव
दुर्वासा आश्रम धूपचंडी स्थित नृसिंह टीला में नृसिंह प्राकट्योत्सव धूमधाम से मनाया गया। प्रात: अभिषेक पूजन के बाद सायं भव्य आरती पूजन व विविध प्रकार के सुगंधित द्रव्यों व फूलों से भगवान नरसिंह का अभिषेक किया गया। संत रामलोचन दास ने कहा कि वैशाख माह में शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि नरसिंह अवतार हुआ था। भजन गायक मोहित तिवारी व सुशील शुक्ला ने भजनाें की प्रस्तुति दी।

हिरण्यकश्यप वध के साथ नरसिंह लीला संपन्न
श्री चित्रकूट रामलीला समिति की ओर से नवापुरा स्थित नृसिंह चबूतरे पर नरसिंह लीला का मंचन हुआ। हिरण्यकश्यप के वध के साथ ही लीला का समापन हुआ। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान के नरसिंह स्वरूप का दर्शन पूजन किया। पं. मुकुंद उपाध्याय ने स्वरूपों की आरती उतारी।
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