{"_id":"681326be7e898af421074431","slug":"lord-buddha-remains-will-not-be-visible-in-kashi-for-first-time-on-buddha-purnima-2025-2025-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"आस्था: पहली बार बुद्ध पूर्णिमा पर भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष के काशी में नहीं होंगे दर्शन, वजह जान लें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आस्था: पहली बार बुद्ध पूर्णिमा पर भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष के काशी में नहीं होंगे दर्शन, वजह जान लें
Thu, 01 May 2025 01:16 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 01 May 2025 01:16 PM IST
सार
Varanasi News: पहली बार बुद्ध पूर्णिमा पर भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष के काशी में दर्शन नहीं होंगे। इसकी वजह है कि 21 दिन तक भगवान बुद्ध के अस्थि कलश का वियतनाम में दर्शन-पूजन होगा।
विज्ञापन
भगवान बुद्ध के अस्थि कलश का वियतनाम में 21 दिन होगा दर्शन-पूजन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भगवान बुद्ध के अस्थि कलश का वियतनाम में 21 दिन दर्शन-पूजन होगा। बुधवार को विधि विधान से पूजन करने के बाद अस्थि कलश रवाना कर दिया गया। प्रथम धर्म उपदेश स्थली स्थित महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के श्रीलंका मंदिर में रखे भगवान बुद्ध के अति पवित्र अस्थि अवशेष को बुधवार की सुबह लगभग 10:05 पर वियतनाम के लिए रवाना किया गया।
विज्ञापन
बुद्ध पूर्णिमा पर नहीं होगा भगवान बुद्ध का अस्थि अवशेष दर्शन
आगामी बुद्ध पूर्णिमा को भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि अवशेष के दर्शन बौद्ध भिक्षु व अनुयायी काशी में नहीं कर पाएंगे। भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष दिल्ली से दो मई को वियतनाम दर्शन के लिए जाएगा। वहां पर चार स्थलों पर भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि दर्शन कराए जाएंगे। वियतनाम से अस्थि अवशेष 21 मई को भारत वापस आएगा और इस बार बुद्ध पूर्णिमा 12 मई को मनाई जाएगी। इसलिए इस बार यहां अस्थि अवशेष के दर्शन नहीं होंगे।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें; Varanasi News: काशी में लग रहा हाईटेक फायर सिस्टम, कूड़े को रखेगा गीला, अलार्म बताएगा कहां लगी आग
विज्ञापन
उधर, अस्थि अवशेष मंदिर से निकाल कर महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के महासचिव भिक्षु पी शिवली महाथेरो के अध्यक्षता में भिक्षु डॉ. सुमिता आनंद थेरो, लुंबिनी श्रीलंका मंदिर के प्रभारी भिक्षु नंदा सहित इंटरनेशनल बुद्धिस्ट के डायरेक्टर यश सक्सेना दिल्ली ले जाने के लिए लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए।