{"_id":"5cdbb1d7bdec22075b0bfccd","slug":"lok-sabha-elections-2019-7th-phase-voting-in-varanasi-congress-release-vision-document","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सातवें चरण के मतदान से पहले कांग्रेस ने काशी के लिए जारी किया 'विजन डाक्यूमेंट', जनता से किए ये वादे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सातवें चरण के मतदान से पहले कांग्रेस ने काशी के लिए जारी किया 'विजन डाक्यूमेंट', जनता से किए ये वादे
Wed, 15 May 2019 01:47 PM IST
Sayali Maurya
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: Sayali Maurya
Updated Wed, 15 May 2019 01:47 PM IST
विज्ञापन
'विजन डाक्यूमेंट' जारी करते कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय
- फोटो : अमर उजाला
लोकसभा चुनाव 2019 अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी देश में राजनीति का केंद्र बन गया है। इस हाई प्रोफाइल सीट पर कांग्रेस ने अजय राय को उतारा है। चुनाव होने के ठीक पहले कांग्रेस ने वाराणसी के लिए अलग से विजन डाक्यूमेंट जारी किया है।
विज्ञापन
कांग्रेस की मीडिया पैनल सदस्य राखी पंखुड़ी पाठक ने कहा कि पीएम मोदी ने काशी वासियों को केवल बरगलाया है। अब बनारस को स्थानीय सांसद चाहिए, क्योंकि बाहरी जनप्रतिनिधि का क्या, वह कब तक रहेगा। स्थानीय सांसद होगा तो वह यहां की समस्याएं समझेगा, लोगों की मदद को आगे आएगा। जैसे अजय राय मदद के लिए खड़े रहते हैं।
विज्ञापन
मंगलवार को प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि केवल दिखावे के लिए भाजपा ने विजन डाक्यूमेंट जारी किया है। पाठक ने कहा कि ये बनारस के सांसद हैं लेकिन बनारस की किसी एक समस्या पर इन्होंने पांच साल में कभी ध्यान नहीं दिया। नोटबंदी और जीएसटी के पेचीदा नियमों के चक्कर में लोग कर्ज में डूब गए। इस मौके पर उन्होंने कांग्रेस और वाराणसी के लिए अलग से विजन डाक्यूमेंट भी जारी किया।
विज्ञापन
Trending Videos
इस विजन डाक्यूमेंट में कई बड़े वादे किए गए हैं
अजय राय के साथ राखी पंखुड़ी पाठक
- फोटो : अमर उजाला
- मेट्रो रेल परियोजना का विकास।
- विश्वनाथ कॉरिडोर योजना में तोड़े गए कई पौराणिक मंदिरों को पुनः स्थापित कराया जाएगा।
- साइबर प्रौद्योगिकी टाउनशिप का विकास किया जाएगा।
- गंगा के स्वच्छ करने की योजनाओं को समय से पूरा किया जाएगा।
- वाराणसी में AIIMS जैसा नहीं बल्कि संपूर्ण AIIMS का निर्माण कराया जाएगा।
- काशी के पर्यटन उद्योग को और विकसित किया जाएगा।
- ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विद्युत बिलिंग की फिक्स प्रणाली की बहाली।
- खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की जाएगी।
- साहित्य परंपरा के संवर्धन के लिए केंद्रीय साहित्य शोध संस्थान की स्थापना की जाएगी।
- काशी विद्यापीठ और संस्कृत विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय महत्व का दर्जा दिया जाएगा।