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लोकसभा चुनाव: 2019 में साइंटिस्ट- डोमराजा, 2014 में गायक और बुनकर; नामांकन में मोदी ने हर बार बदले प्रस्तावक

Sat, 04 May 2024 12:40 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Sat, 04 May 2024 12:40 PM IST
सार

Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव के लिए वाराणसी में नामांकन की तैयारी जोरों पर है। यहां सात से 14 मई तक नामांकन होना है। वहीं पीएम मोदी के नामांकन में शामिल होने वाले प्रस्तवकों को लेकर मंथन चल रहा है। मोदी ने हर बार अपने प्रस्तावक बदले हैं। 

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Lok Sabha election PM Modi varanasi seat nomination proposer every time changes
कलेक्टेट में नामांकन करते नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला आर्काइव

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नामांकन में शामिल होने वाले प्रस्तावकों के नाम पर मंथन चल रहा है। स्थानीय संगठन ने 50 नामों की सूची शीर्ष नेतृत्व को भेज दी है। अब इसमें जातिगत, सामाजिक समीकरण का संतुलन बनाते हुए चार नामों पर अंतिम मुहर लगेगी। नरेंद्र मोदी के 2014 और 2019 के नामांकन के दौरान रहे प्रस्तावक कभी रिपीट नहीं हुए। हर बार अलग-अलग प्रस्तावकों का चयन किया गया था।

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साल 2014 के प्रस्तावकों में महामना मदन मोहन मालवीय के पौत्र गिरिधर मालवीय, शास्त्रीय गायक छन्नू लाल मिश्र, नाविक भद्रा प्रसाद निषाद और बुनकर अशोक कुमार थे। वहीं 2019 के चुनाव में प्रस्तावकों में साइंटिस्ट रमाशंकर पटेल, मदन मोहन मालवीय की मानस पुत्री अन्नपूर्णा शुक्ला, जगदीश चौधरी (डोमराजा) और पार्टी के सबसे पुराने कार्यकर्ताओं में शुमार सुभाष गुप्ता शामिल रहे थे। 
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इस बार के चुनाव में इसी तरह का तानाबाना बुनने की कोशिश की जा रही है कि प्रस्तावकों में किसी महापुरुष की पीढ़ी से जुड़ा कोई व्यक्ति, साहित्य जगत से जुड़ा व अन्य विधाओं व समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी स्थान मिल सके ताकि प्रधानमंत्री के नामांकन से भी सबका साथ, सबका विकास का संदेश दिया जा सके। इससे पहले प्रधानमंत्री बाबा विश्वनाथ व काल भैरव के दर्शन और पूजन भी करेंगे।

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रोड शो में समाज के सभी तबके होंगे आमंत्रित

2014 में भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने नदेसर से कचहरी इलाके तक करीब दो किलोमीटर का रोड शो किया था। 2019 में बीएचयू से दशाश्वमेध घाट तक रोड शो हुआ था। इस दौरान उन्होंने मदन मोहन मालवीय, सरदार पटेल, स्वामी विवेकानंद, भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा का माल्यार्पण किया था। इस बार भी महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करेंगे। वहीं रोड शो में वाराणसी में रहने वाले पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के निवासियों को खास तौर पर आमंत्रित किया जाएगा। इस समाज के लोग रोड शो का स्वागत करेंगे।

अभी इस रूट पर हुई चर्चा
इस बार प्रधानमंत्री के रोड शो के लिए स्थानीय व राष्ट्रीय नेताओं रूट की चर्चा कर रहे हैं। उसमें प्रधानमंत्री डीएलडब्ल्यू से बीएचयू पहुंचेंगे और मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद भेलूपुर, गोदौलिया चौक से होते हुए प्रमुख मोहल्लों से गुजरेंगे। इस रूट को शीर्ष नेता भी हरी झंडी देंगे उसके बाद ही आगे की बात बनेगी।

भाजपा और एनडीए के बड़े नेता रहेंगे मौजूद

2014 में नामांकन के दौरान कम नेता ही नामांकन के दौरान मौजूद रहे थे। उस समय बड़े नेताओं में तत्कालीन उप्र प्रभारी अमित शाह और रविशंकर प्रसाद व मुख्तार अब्बार नकवी मौजूद रहे थे। मगर 2019 के नामांकन में भाजपा के शीर्ष नेताओ के साथ एनडीए के नेताओं ने भी मौजूदगी दर्ज कराई थी। 

2019 के नामांकन में तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह, तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, मेघालय के मुख्यमंत्री सीके संगमा, नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो, उप्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बिहार मुख्यमंत्री नीतिश कुमार, तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल, पीयूष गोयल, जेपी नड्डा, लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, पूर्व सांसद मनोज सिन्हा, शाहनवाज हुसैन, मनोज तिवारी समेत कई नेता मौजूद रहे थे। इस बार भी भाजपा के शीर्ष नेता, कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री और एनडीए के नेता भी मौजूद रहेंगे।

इस बार नहीं दिखेंगे यह चेहरे

शीर्ष नेताओं में कुछ चेहरे इस बार नामांकन में नहीं दिखाई देंगे। इसमें पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान दिवंगत हो चुके हैं तो शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे इस चुनाव में एनडीए का हिस्सा नहीं हैं। इसके अलावा गाजीपुर से सांसद रहे मनोज सिन्हा भी नामांकन का हिस्सा नहीं होंगे। वह वर्तमान में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल के पद पर हैं।
 
पिछले दो चुनाव में बढ़ा जीत का प्रतिशत
2014 में नरेंद्र मोदी पहली बार वाराणसी से चुनाव लड़े। उन्हें 581022 वोट मिले, यह कुल वोटों 32.89 फीसदी था। उन्होंने आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल को हराया था। अरविंद केजरीवाल को 209238 वोट मिले थे। वहीं 2019 के चुनाव में नरेंद्र मोदी को 674666 वोट मिले थे यह कुल मतदान का 63.6 प्रतिशत था। उन्होंने सपा की शालिनी यादव को हराया था। शालिनी को 195159 वोट मिले थे।

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