पूरे परिवार के साथ खूब मचाएंगे धमाल, लोहड़ी के जश्न को लेकर बनाई गई खास प्लानिंग
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आज पूरा पंजाबी समाज रिश्तों में मिठास घोलती लोहड़ी के जश्न में झूम उठेगा। पावन अग्नि में बुराइयों का नाश होगा। भाईचारा और खुशहाली की प्रतीक लोहड़ी का उत्सव हर पंजाबी घर में हंसता खिलखिलता नजर आएगा। सोमवार की शाम में पंजाबी कालोनियों में ढोल नगाड़े बजेंगे। आतिशबाजी भी समां बांधेंगी। लोग एक-दूसरे को लोहड़ी की बधाईयां देंगे। आज हम ऐसे ही परिवारों से रूबरू होंगे, जिनके यहां तीन पीढ़ियां एक साथ लोहड़ी का जश्न मनाएंगी।
घर पर हवन और गुरुद्वारे में अरदास
संकटमोचन निवासी संतोषी खत्री ने बताया कि वे अपनी बेटी अंकिता और नातिन अंशिका के साथ हर साल धूमधाम से लोहड़ी मनाते हैं। उन्होंने बताया कि बेटे के जन्म के बाद पहली लोहड़ी, शादी के बाद बहू की पहली लोहड़ी मनाने का विशेष रिवाज होता है। लोहड़ी पर इस बार हवन रखा है, जिसके बाद गुरुद्वारा में लोगों को खाना खिलाएंगे। शाम में लोहड़ी क ी पूजा के बाद परिवार के सभी सदस्य रात का खाना खाने बाहर जाएंगे।
लोहड़ी पर होगा ग्रैंड सेलिब्रेशन
मुढ़ैला निवासी जगदीश काथूरिया व सतीश काथूरिया ने बताया कि इस बार लोहड़ी पर पूरा परिवार एक साथ जुटा है, तो ग्रैंड सेलेब्रेशन होगा। बेटे राम और बहू पिंकी ने मिलकर लोहड़ी की खास तैयारियां की है। वहीं नातिन मुस्कान ने इस बार लोहड़ी के लिए थीम पार्टी प्लान की है। सुबह गुरुद्वारा जाकर शबद कीर्तन में हिस्सा लेंगे और फिर शाम को घर की छत पर डीजे की धुनों पर लोहड़ी का जश्न होगा।
ढोल नगाड़े संग गिद्दे का जमेगा रंग
जवाहर नगर निवासी अजीत कपूर व शोभा कपूर के घर तीन पीढ़ियां एक साथ लोहड़ी का जश्न मना रही हैं। लोहड़ी पर शोभा ने कीर्तन दरबार रखा है। लोहड़ी पर हर बार अनाथ आश्रम में खाद्य सामग्री का वितरण करते हैं। इस साल हम लोगों ने गरीब बेटियों को घर पर बुलाकर उन्हें खाद्य सामग्री और गर्म कपड़े देने के लिए सोचा है। शाम में बेटे-बहू, बेटी दमाद के साथ नातिन और पोते सभी मिलकर ढोल नगाड़े संग गिद्दा पाएंगे और खुशी मनाएंगे।
बेटा-बेटी में नहीं है फर्क, जमकर मनाएंगे पर्व
बेटी की पहली लोहड़ी शादी के बाद उसके ससुराल में होती थी। बेटे की लोहड़ी उसके जन्म के बाद पहले साल से ही घर पर धूमधाम से मनाई जाती है, लेकिन अब बेटा-बेटी का अंतर खत्म हो रहा है। शहर में ऐसे कई परिवार हैं, जिन्होंने इस सोच से ऊपर उठकर बेटे और बेटी के लिए पहली लोहड़ी को धूमधाम से मनाने की तैयारी कर चुके हैं।
नन्हें मेहमान के साथ लोहड़ी
अर्दली बाजार निवासी शालिन भाटिया और उनकी पत्नी प्रिया भाटिया के लिए यह त्योहार दोहरी खुशी लेकर आया है। उनके घर हाल ही में नन्हा मेहमान आया है। पूरा परिवार लोहड़ी उत्सव की तैयारियों में जुटा दिखा। प्रिया ने बताया कि पहले पूरा परिवार गुरु द्वारे जाएगा। वहां दर्शन और अरदास के बाद मोहल्लेवालों के साथ सभी इस त्योहार का परंपरागत तरीके से लुत्फ उठाएंगे।
दो साल से मना रहे बेटी के लिए पर्व
भेलूपुर स्थित जवाहर नगर एक्सटेंशन निवासी नलिन दत्त और निकिता दत्त पिछले दो साल से बेटी नामया के लिए लोहड़ी मना रहे हैं। निकिता बताती है कि दिन में घर पर ही कीर्तन करते हैं, शाम को मिलकर लोहड़ी जलाते हैं। साथ में खाना खाते, पटाखे जलाते हैं। पंजाबी ढोल पर डांस भी करते हैं, ताकि बेटी को सबका आशीर्वाद मिले। आखिर बेटियों को भी खुश रहने का पूरा हक है, इसलिए हम लोग बेटी की लोहड़ी मनाते है और आगे भी मनाएंगे।
लोहड़ी से जुड़ी परंपरा
लोहड़ी हर वर्ष 13 जनवरी यानि मकर संक्र ांति से एक दिन पहले मनाते हैं। इस दिन घर के आंगन या खुले स्थान पर आग जलाकर उसमें तिलबुग्गे, मूंगफली, पॉपकार्न आदि डालते हैं। जलती लोहड़ी के चक्कर काटते हैं। इसके बाद परंपरागत पंजाबी खाना होता है। महिलाएं गिद्दा पाती है, लोहड़ी के लोकगीत गाती हैं। पुरुष भांगड़ा करते हैं। बदलते ट्रेंड में डीजे नाइज, लविश बुफे और उपहारों का लेन-देन भी शामिल हो गया है। साथ ही थीम बेस्ड लोहड़ी भी मनाई जाती है। बहू की पहली लोहड़ी पर मायके से सामान आता है, बेटे के जन्म पर पहली लोहड़ी भी धूमधाम से मनाई जाती है।
आज भी कायम है लोहड़ी मांगने की परंपरा
आज भी पंजाबी समाज में लोहड़ी मांगने की परंपरा है। युवक ढोल लेकर घर-घर लोकगीत गाते हुए जाते हैं। लोहड़ी मांगते हैं। लोहड़ी स्वरूप इन्हें मूंगफली, अनाज, कपड़े, उपहार, धन आदि देकर शगुन किया जाता है।
बेटी का जन्मदिन के हफ्तेभर बाद लोहड़ी का जश्न
सनबीम भगवानपुर कि शिक्षिका वनिता मिड्ढा ने बताया कि वे अपनी बेटी पारेशी के लिए हर साल धूमधाम से लोहड़ी मनाते है। वनिता कहती है, पारेशी की दादी उसे बहुत मानती है, वो हर बार उसके लिए लोहड़ी को खास तरह से मनाती है। लोहड़ी के सप्ताह पर पहले ही उसका जन्मदिन भी होता है। ऐसे में लोहड़ी और पारेशी के जन्मदिन का जश्न दोनों एक साथ मनाया जाता है।