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लॉकडाउन: हर दिन कुछ नया करने का मौका, काशी में रचनात्मकता से रच रहे नवसृजन का संसार

Tue, 07 Apr 2020 05:54 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 07 Apr 2020 05:54 PM IST
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Lockdown in up people stay home doing somethingh else in varanasi
काशी विद्यापीठ के प्रोफेसर ओमप्रकाश सिंह और बीएचयू की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ उत्तमा दीक्षित। - फोटो : अमर उजाला।

रचने वाला ही बसता है क्योंकि सृजन हमेशा सकारात्मकता के साथ ही आता है। रचना कुछ भी हो सकती है, कला की, काव्य की या फिर भोजन की। लॉकडाउन में हर कोई इस समय को अपने-अपने हिसाब से यादगार बनाने में लगा हुआ है।

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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में मालवीय पत्रकारिता संस्थान के निदेशक प्रो. ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के कारण जीवन की गति ठहर सी गई। फिर निश्चित किया कि 21 दिन घर में रहकर नई पुस्तक लेखन का काम करेंगे। पहले संचार व पत्रकारिता पुस्तक का छह माह से रुका हुआ प्रूफ का काम पूरा हुआ।
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अब वैदिक अर्थशास्त्र पुस्तक लिख रहा हूं। आपदा में पुस्तक ही सच्ची साथी हैं। इस आपदा में सबसे प्रार्थना है कि सभी अपने धर्म की उपलब्ध पुस्तक, कहानियां और महापुरुषों का जीवन पढ़ें। पुस्तकें सभी भाषाओं में मुफ्त में डाउनलोड हो सकती हैं। इससे ज्ञान बढ़ेगा, समय बीतेगा और बाहर निकलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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बीएचयू के फैकल्टी आफ विजुअल आर्ट विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ उत्तमा दीक्षित अपनी जीवंत पेंटिंग के लिए मशहूर है। लॉक डाउन के समय का सदुपयोग करते हुए इस समय पेंटिंग कर रही है और सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से देश के अन्य कलाकारों की प्रतिभा को आगे बढ़ा रही हैं।   

शहर के मशहूर हलवाई प्रभाकर यादव तो इस दौरान नई-नई रेसिपी बनाने में व्यस्त हैं। प्रभाकर ने इस दौरान एक खास सलाद तैयार किया है, जिसको उन्होंने नाम दिया है लॉकडाउन सलाद। रोजाना उनके फोन पर नई-नई रेसिपी के बारे में जानने के लिए लोगों के फोन काल आ रहे हैं।


प्रभाकर यादव।


कोई कटहल दो प्याजा, नेनुआ दो प्याजा, लौकी जीरा तड़का, गुड़ की खीर के साथ ही पनीर का खुरमा बनाने की विधि वह रोजाना बता रहे हैं। बीएचयू के मनोज शंकर पांडेय, दुर्गाकुंड के विजय नारायण सिंह, इस्कान मंदिर के राजकुमार यादव, राजघाट के मुन्ना चौरसिया आदि समेत कई लोगों का फोन आ रहा है।


वहीं बीएचयू के दृश्यकला संकाय की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ उत्तमा दीक्षित ने सोशल मीडिया पर देश भर के कलाकारों के लिए एक मंच मुहैया कराया है। कला जगत को समर्पित यह ग्रुप कला, संस्कृति और समाज को समर्पित है। इसमें ख्यातिलब्ध कलाकारों, कथाकारों, गीतकारों के साथ ही नवांकुर कलाकारों की कलाकृतियों को भी सजाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर बनी आर्ट, कल्चर एंड सोसायटी में कोरोना महामारी पर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। कोरोना से लड़ने वालों के हौसलों को सलाम करने वाली कलाकृतियां शामिल हैं।

काशी विद्यापीठ के प्रोफेसर अजीत शुक्ला।


महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के वाणिज्य एवं प्रबंध अध्ययन संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. अजीत कुमार शुक्ला छात्रों के लिए ई कंटेट को वेबसाइट पर अपलोड करने में लगे हुए हैं। इसके अलावा ऑडियो-वीडियो व्याख्यान और पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन को तैयार करने में ही लॉकडाउन का समय बीत रहा है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों और लोगों से अपील की है कि सकारात्मक सहयोग करें और कोरोना महामारी को जल्द से जल्द हराएं।

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