फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Lockdown Crisis on milk business Milk is not being purchased in azamgarh up

दूध कारोबार पर मंडराया गहरा संकट, नहीं हो रही खरीदारी, पशुपालक गायों को ही पिला रहे दूध

Mon, 27 Apr 2020 12:07 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़ Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Mon, 27 Apr 2020 12:07 PM IST
विज्ञापन
Lockdown Crisis on milk business Milk is not being purchased in azamgarh up
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Hobby Farms

आजमगढ़ जिले में पशुपालकों द्वारा बड़े पैमाने पर दूध का कारोबार किया जाता है। ग्वाले इनसे दूध लेकर दुकानों और शहर में लोगों के घर पहुंचाते हैं। लॉकडाउन के कारण दुकानें बंद चल रही हैं और लोग बाहरी व्यक्तियों से सामान लेने से परहेज कर रहे हैं। ऐसे में पशुपालक अपने दूध को गायों को ही पिलाने को मजबूर हैं। बूढ़नपुर तहसील के लेदौरा स्थित पराग डेयरी में भी दूध की आमद कम हो गई है।

विज्ञापन


कोरोना महामारी ने जहां हर कारोबार को बंद कर दिया है। वहीं दूध के कारोबार को भी बुरी तरह से प्रभावित किया है। बहुत ही कम दूधिए हैं जो दूध लेकर शहर पहुंच रहे हैं। कुछ क्षेत्रों में दूधिए पशुपालकों से दूध ले रहे हैं लेकिन कम मात्रा में ले रहे हैं। क्योंकि लॉकडाउन के कारण दुकानें बंद हो गई हैं और लोग दूध लेने से परहेज कर रहे हैं।
विज्ञापन


ऐसे में दूध की खपत काफी कम हो गई है। जिसके कारण दूधिए भी दूध कम उठा रहे हैं जिसका खामियाजा पशुपालकों को उठाना पड़ रहा है। दूध का कारोबार करने के बहुत से पशुपालकों ने अच्छी नस्ल की गाय पाल रखी है। जिसके कारण उनके पास काफी मात्रा में दूध उत्पादित होता है। दूध की बिक्री न होने से लोग उसे अपने पास पड़ोस के साथ ही बचे दूध को उबाल कर उसकी दही, घी और मट्ठा तैयार कर रहे हैं। मट्ठे को गाय को ही पिला रहे हैं। ताकि उसे फेकना न पड़े।

विज्ञापन
विज्ञापन

जिस कारण इन्हें गायों के लिए चोकर आदि की व्यवस्था करना भी भारी पड़ रहा है। वहीं बूढ़नपुर तहसील के लेदौरा स्थित पराग डेयरी की हालत भी खस्ता हो गई है। यहां भी दूध की आमद बहुत कम हो गई है। पहले यहां प्रतिदिन लगभग तीन हजार लीटर दूध आता था वर्तमान में यहां 1500 लीटर ही दूध आ रहा है।

किसानों का आरोप है कि जब डेयरी खुली तो हम किसानों को इससे बड़ी उम्मीद थी कि हम किसानों को हमारे दूध का अच्छी कीमत मिलेगी। लेकिन जहां बाजार में गाय के दूध की कीमत 35 रुपये और भैंस के दूध की कीमत 45 रुपये है वहीं डेयरी पर उन्हें गाय के दूध की कीमत 25 रुपये और भैंस के दूध की कीमत 30 रुपये मिलती है। जिसके कारण किसान डेयरी पर दूध नहीं देने की बजाए गायों के पिला रहे हैं।

पशुपालक लालजी का कहना है कि हम किसानों को डेयरी से लाभ नहीं मिल रहा है। डेयरी से अच्छा रेट दुकानदारों द्वारा हमारे दूध का मिलता है। डेयरी द्वारा 25 रुपये गाय का दूध और 30 रुपये भैंस का दूध लिया जाता है। वहीं दुकानदारों व ग्वालों द्वारा हमसे 35 रुपये गाय का और 40 रुपये प्रति लीटर की दर से भैंस का दूध लिया जाता है। जिसके कारण हम डेयरी पर दूध नहीं देते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed