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Varanasi News : बीएचयू में व्याख्यान समारोह, प्राचीन भारतीय ग्रन्थों में निहित अनुसंधान के गूढ तत्व को बताया
Tue, 11 Feb 2025 06:58 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Tue, 11 Feb 2025 06:58 PM IST
सार
बीएचयू के धर्मशास्त्र मीमांसा विभाग द्वारा व्याख्यान समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्राचीन भारतीय ग्रंथों की महत्ता पर प्रकाश डाला गया और बताया गया कि अनुसंधान के गूढ तत्व हैं।
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व्याख्यान देते विद्वान
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के धर्मशास्त्र मीमांसा विभाग के द्वारा महामहोपाध्याय पंडित गजानन शास्त्री मुसलगांवकर की स्मृति में व्याख्यान समारोह का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान समारोह की अध्यक्षता संकाय प्रमुख प्रोफेसर राजाराम शुक्ल ने की।
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कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर श्रीराम एस ने किया। अतिथियों का परिचय तथा स्वागत विभागाध्यक्ष प्रोफेसर माधव जनार्दन रटाटे तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर शंकर कुमार मिश्र ने किया। मुख्य वक्ता डॉ प्रशांत धर्माधिकारी ने अपने व्याख्यान में भारत की प्राचीन अनुसंधान प्रविधि का वर्णन करते हुए कहा कि अर्थशास्त्र, मनुस्मृति, महाभारत, गीता आदि अनेक ग्रन्थों में अनुसंधान के गूढ तत्वों का निरूपण किया गया है।
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प्राचीन अनुसंधान प्रविधि आज के अनुसंधानों के लिए अत्यंत उपादेय है। प्रोफेसर राजाराम शुक्ल ने कहा कि इस प्रकार के व्याख्यान से न केवल विद्वानों को अपितु अनुसंधाताओं को भी एक नई दिशा प्राप्त होगी।
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