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निजी स्कूलों से सीखें पढ़ाने के तरीके
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 05 Jul 2016 02:09 AM IST
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परिषदीय विद्यालयों की हालत खस्ता।
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प्राथमिक शिक्षा का हाल जानने के लिए डीएम विजय किरण आनंद प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सोमवार को हरहुआ ब्लाक के परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। होलापुर के विद्यालय में बच्चों की क्लास ली। पढ़ाई का स्तर देख उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने शिक्षकों और बीएसए को लेकर गिलट बाजार स्थित अतुलानंद स्कूल पहुंचे और वहां के पठन-पाठन के स्तर से सीख लेने की नसीहत दी। सवाल उठाए कि निजी विद्यालयों के शिक्षक कम वेतन में आपसे बेहतर पढ़ाते हैं।
सुबह 8:30 बजे बीएसए हरिकेश यादव के साथ डीएम पूर्व माध्यमिक विद्यालय होलापुर पहुंचे। यहां 440 बच्चों में से मात्र 110 ही उपस्थित थे। इस पर उन्होंने काफी नाराजगी जताई। कक्षा आठ केे कुछ बच्चों से गणित के सवाल पूछे लेकिन ज्यादातर बच्चे सवालों के जवाब नहीं दे पाए। बाद में एक शिक्षक को क्लास लेने को कहा लेकिन डीएम उनके पढ़ाने से संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद डीएम, बीएसए, हेड मास्टर और शिक्षकों को लेकर संत अतुलानंद कांवेंट स्कूल पहुंचे।
यहां करीब आधे घंटे तक वह क्लास में रहे। बीएसए से कहा कि निजी स्कूल के शिक्षक सरकारी शिक्षकों की तुलना में काफी कम वेतन पाते हैं लेकिन उनका पढ़ाने का स्तर कई गुना बेहतर है। वहीं, आबकारी, डीपीआरओ, एसडीएम, बीडीओ, पशु चिकित्सा अधिकारी समेत 45 अधिकारियों ने ब्लाक के सभी प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। इसकी रिपोर्ट डीएम और बीएसए को दी गई। बीएसए ने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता ठीक नहीं पाई गई है। डीएम ने जिले के सभी प्राथमिक शिक्षकों को प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया है।
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सुबह 8:30 बजे बीएसए हरिकेश यादव के साथ डीएम पूर्व माध्यमिक विद्यालय होलापुर पहुंचे। यहां 440 बच्चों में से मात्र 110 ही उपस्थित थे। इस पर उन्होंने काफी नाराजगी जताई। कक्षा आठ केे कुछ बच्चों से गणित के सवाल पूछे लेकिन ज्यादातर बच्चे सवालों के जवाब नहीं दे पाए। बाद में एक शिक्षक को क्लास लेने को कहा लेकिन डीएम उनके पढ़ाने से संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद डीएम, बीएसए, हेड मास्टर और शिक्षकों को लेकर संत अतुलानंद कांवेंट स्कूल पहुंचे।
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यहां करीब आधे घंटे तक वह क्लास में रहे। बीएसए से कहा कि निजी स्कूल के शिक्षक सरकारी शिक्षकों की तुलना में काफी कम वेतन पाते हैं लेकिन उनका पढ़ाने का स्तर कई गुना बेहतर है। वहीं, आबकारी, डीपीआरओ, एसडीएम, बीडीओ, पशु चिकित्सा अधिकारी समेत 45 अधिकारियों ने ब्लाक के सभी प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। इसकी रिपोर्ट डीएम और बीएसए को दी गई। बीएसए ने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता ठीक नहीं पाई गई है। डीएम ने जिले के सभी प्राथमिक शिक्षकों को प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया है।
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