लॉन संचालक हत्याकांडः बहन से संबंध की जानकारी होने पर कर्मचारी ने ही मालिक को मार डाला, एेसे हुआ खुलासा
लॉन संचालक बृजेश पटेल का अपने कर्मचारी की बहन से संबंध थे। पता चलने पर भाई अपने मालिक से गुस्सा था। वहीं कर्मचारी की बहन भी बृजेश की हरकतों से परेशान थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी में पहड़िया के लॉन संचालक बृजेश पटेल उर्फ बबलू की हत्या आशनाई में हुई थी। वारदात को अंजाम कारोबारी के कर्मचारी, जीजा-बहन समेत चार लोगों ने मिलकर दिया था। जौनपुर की केराकत पुलिस ने सभी आरोपियों को मंगलवार की देर रात चौबेपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
हमलावरों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल रॉड, स्कूटी बरामद हुई। चारों आरोपियों को जौनपुर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। मुकदमा कायम होने के 14 घंटे के अंदर घटना का पर्दाफाश करने पर आईजी रेंज ने केराकत पुलिस व एसओजी टीम को 20 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की।
आईजी रेंज के सत्यनारायण के अनुसार बृजेश पटेल का अपने कर्मचारी रमरेपुर पहड़िया निवासी मनीष पाल की बहन से संबंध थे। पता चलने पर भाई मनीष अपने मालिक से गुस्सा था। वहीं कर्मचारी की बहन भी बृजेश की हरकतों से परेशान थी। 20 मार्च की रात नशे की हालत में बृजेश चौबेपुर स्थित खुटहना कर्मचारी की बहन की ससुराल पहुंच गया।
रॉड से मारकर की हत्या
इस पर बहन ने तत्काल अपने भाई मनीष को बुला लिया। वहीं हुई हाथापाई में मनीष ने रॉड से मारकर बृजेश की हत्या कर दी और गाड़ी में शव लेकर थानागद्दी स्थित सोहनी गांव स्थित खेत में फेंक दिया। मनीष का गुस्सा इस कदर था कि खेत में भी शव को ईंटों से कूंचा और बृजेश के कपड़ों में आग लगा दी।
गाड़ी को आग के हवाले कर दिया
शव फेंकने के बाद बृजेश की कार लेकर मनीष चौबेपुर स्थित संदहा पहुंचा और गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। इस घटना में मनीष का जीजा खुटहना निवासी नितिन पाल उर्फ संतोष और मनीष का दोस्त रमरेपुर पहड़िया निवासी दीपक चौहान उर्फ दीपू और बहन शामिल थी। सभी को गिरफ्तार कर जौनपुर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
मोबाइल सीडीआर से खुला हत्या का राज
सोमवार की सुबह थानागद्दी के सोहनी गांव में अधजला शव मिलने के बाद तफ्तीश में सामने आया कि पहड़िया निवासी बृजेश पटेल का शव है। परिजनों ने मंगलवार सुबह केराकत थाने पहुंचकर शव की शिनाख्त के साथ ही अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
सोनू के पकड़े जाने पर सामने आई पूरी कहानी
क्षेत्राधिकारी केराकत शुभम तोदी, केराकत कोतवाल लक्ष्मण पर्वत व क्राइम ब्रांच की टीम ने बृजेश पटेल के मोबाइल सीडीआर और परिजनों से पूछताछ के दौरान 14 घंटे के अंदर में ही घटना का पर्दाफाश कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बृजेश के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया और सीडीआर की जांच की तो पता चला कि बृजेश फोन पर आखिरी कॉल सोनू की थी। सोनू ने पुलिस को बताया कि घटना के ठीक पहले वह शौच के लिए गया था, बृजेश का मोबाइल उसकी कार में ही गिरा था। उसने मुझ से मदद मांगी और मेरा फोन लेकर अपने नंबर पर काल किया था। जांच के दौरान ही उसने नितिन के बारे में बताया। पुलिस ने उसे पकड़ा तो पूरी कहानी सामने आ गई।
चौबेपुर में उपली रखकर जला दी थी कार
एएसपी सिटी डा. संजय कुमार के मुताबिक मनीष और दीपू शव लेकर कार से जौनपुर के लिए निकले थे, जबकि मनीष का जीजा नितिन रुक गया और उसने चौबेपुर थाना क्षेत्र में हाइवे के किनारे खुटहना में ऊपलों का ढेर रखकर कार को जलाने का इंतजाम किया था।