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तहसीलों में मनमानी, समय से पहुंचने में आनकानी
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वाराणसी। शासन और प्रशासन लगातार जनसुनवाई में शिकायतों के निपटारे को लेकर गंभीर रहता है, मगर तहसीलों में अव्यवस्थित कामकाज के कारण लोगों की परेशानी बढ़ रही है। तहसीलों में एसडीएम तक न समय से बैठ रहे हैं और न ही कर्मचारियों पर शासन के निर्देश का पालन हो रहा है। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की शिकायतों के निस्तारण नहीं हो रहा है। हालांकि एसडीएम और तहसीलदार का दावा है कि संपूर्ण समाधान दिवस पर आई शिकायतों के निस्तारण में ही समय बीत रहा है।
समय-10 बजे
स्थान- सदर तहसील
तहसील परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ था और एसडीएम प्रमोद कुमार पांडेय अपने कमरे में मौजूद थे। मगर, नायब तहसीलदार नहीं पहुंचे थे। इस दौरान तीन-चार फरियादी मौजूद थे। कई पटल पर लिपिक भी नदारद थे। अमर उजाला की टीम को देखकर एसडीएम सक्रिय हुए और उपस्थिति रजिस्टर तलब कर लिया। इस दौरान तीन लिपिकों को अनुपस्थित किया गया, हालांकि 10.15 तक पहुंच गए। तहसील परिसर में 11 बजे से स्थिति सामान्य हुई और कर्मचारी काम में मशगूल हो गए।
समय-10.30 बजे
स्थान- पिंडरा तहसील
ज्यादातर कमरों में ताले नहीं खुले थे और फरियादी इधर-उधर भटक रह थे। राजस्व निरीक्षक, पूर्ति निरीक्षक और चकबंदी अधिकारी से जुड़ी शिकायत लेकर पहुंचे फरियादी कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं। तहसीलदार रामनाथ छत पर बैठकर काम कर रहे थे। कई पद रिक्त होने के कारण तहसील के ज्यादातर काम रुके हैं। पिंडरा तहसील परिसर में सबसे ज्यादा अव्यवस्था दिखी और फरियादी अपने काम के लिए चक्कर लगाते रहे। एसडीएम के कामकाज को लेकर फरियादी और कर्मचारी शिकायतों का अंबार लगा रहे थे।
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समय-11 बजे
स्थान- राजातालाब तहसील
सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक जनसुनवाई के लिए भी एक भी अधिकारी तहसील परिसर में मौजूद नहीं था। ठंड के कारण यहां पहुंचे लोग, मुकदमों की सुनवाई के लिए वादकारी, अधिवक्ता जगह-जगह धूप ले रहे थे। जन शिकायतें लेकर आने वाले लोगों की समस्या सुनने वाला दोपहर तक यहां कोई नहीं था। कार्यालय के ताले तो खुल गए थे, लेकिन बाहर से कुंडी लगी हुई थी। 11.45 बजे पर तहसीलदार परिसर में प्रवेश करती हैं और अपने वाहन से उतर कर सीधे न्यायालय में बैठ जाती हैं जन शिकायत लेकर पहुंचे लोग बाहर ही रह जाते हैं।
यह गंभीर प्रकरण है और समय से कार्यालय नहीं पहुंचना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों से जवाब तलब कर कार्रवाई की जाएगी।
कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी
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समय-10 बजे
स्थान- सदर तहसील
तहसील परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ था और एसडीएम प्रमोद कुमार पांडेय अपने कमरे में मौजूद थे। मगर, नायब तहसीलदार नहीं पहुंचे थे। इस दौरान तीन-चार फरियादी मौजूद थे। कई पटल पर लिपिक भी नदारद थे। अमर उजाला की टीम को देखकर एसडीएम सक्रिय हुए और उपस्थिति रजिस्टर तलब कर लिया। इस दौरान तीन लिपिकों को अनुपस्थित किया गया, हालांकि 10.15 तक पहुंच गए। तहसील परिसर में 11 बजे से स्थिति सामान्य हुई और कर्मचारी काम में मशगूल हो गए।
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समय-10.30 बजे
स्थान- पिंडरा तहसील
ज्यादातर कमरों में ताले नहीं खुले थे और फरियादी इधर-उधर भटक रह थे। राजस्व निरीक्षक, पूर्ति निरीक्षक और चकबंदी अधिकारी से जुड़ी शिकायत लेकर पहुंचे फरियादी कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं। तहसीलदार रामनाथ छत पर बैठकर काम कर रहे थे। कई पद रिक्त होने के कारण तहसील के ज्यादातर काम रुके हैं। पिंडरा तहसील परिसर में सबसे ज्यादा अव्यवस्था दिखी और फरियादी अपने काम के लिए चक्कर लगाते रहे। एसडीएम के कामकाज को लेकर फरियादी और कर्मचारी शिकायतों का अंबार लगा रहे थे।
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समय-11 बजे
स्थान- राजातालाब तहसील
सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक जनसुनवाई के लिए भी एक भी अधिकारी तहसील परिसर में मौजूद नहीं था। ठंड के कारण यहां पहुंचे लोग, मुकदमों की सुनवाई के लिए वादकारी, अधिवक्ता जगह-जगह धूप ले रहे थे। जन शिकायतें लेकर आने वाले लोगों की समस्या सुनने वाला दोपहर तक यहां कोई नहीं था। कार्यालय के ताले तो खुल गए थे, लेकिन बाहर से कुंडी लगी हुई थी। 11.45 बजे पर तहसीलदार परिसर में प्रवेश करती हैं और अपने वाहन से उतर कर सीधे न्यायालय में बैठ जाती हैं जन शिकायत लेकर पहुंचे लोग बाहर ही रह जाते हैं।
यह गंभीर प्रकरण है और समय से कार्यालय नहीं पहुंचना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों से जवाब तलब कर कार्रवाई की जाएगी।
कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी