Exclusive: गैस प्लांट के लिए वाराणसी के इसरवार में अधिग्रहित होगी जमीन, पूर्वांचल के 20 से ज्यादा जिलों में एलपीजी की आपूर्ति बढ़ेगी
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
विस्तार
गुजरात के कांडला से निकली एलपीजी गैस पाइप परियोजना से वाराणसी को जोड़ने के लिए सेवापुरी के इसरवार गांव में जिला प्रशासन अब ढाई एकड़ जमीन का अधिग्रहण करेगा। किसानों की जमीन के सर्किल रेट कम होने की आशंका के चलते समिति इसका अध्ययन करेगी और उसी आधार पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
जमीन अधिग्रहण के दो साल बाद यहां हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्लांट को गोरखपुर तक पहुंची पाइपलाइन से जोड़ दिया जाएगा। परियोजना से वाराणसी के अलावा पूर्वांचल के 20 से ज्यादा जिलों में एलपीजी की आपूर्ति बढ़ जाएगी। दरअसल, गुजरात के कांडला बंदरगाह से निकली गैस पाइपलाइन परियोजना मध्यप्रदेश से गोरखपुर तक पहुंची है।
कई किसान जमीन देने को राजी नहीं
इस पाइपलाइन को वाराणसी में प्रस्तावित एचपीसीएल के प्लांट से जोड़ा जाना है। इसके लिए देश के पहले मॉडल ब्लॉक वाराणसी के सेवापुरी के इसरवार में 11.18 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है। इसमें करीब आठ एकड़ से ज्यादा जमीन किसानों ने स्वेच्छा से दी है, जबकि ढाई एकड़ से ज्यादा जमीन के किसान मालिक अपना भूखंड देने को राजी नहीं है।
प्रशासन की वेबसाइट पर डाली गई सर्वे रिपोर्ट
इस परियोजना के लिए जमीन की आवश्यकता पूरी करने के लिए कराई गई सर्वे रिपोर्ट को जिला प्रशासन की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। इसमें बताया गया कि 77 फीसदी जमीन खरीदी जाने के बाद बाकी बचे किसानों ने जमीन बेचने से मना कर दिया गया है। इनसे लगातार संपर्क किया गया, मगर वे सहमत नहीं है। जनवरी 2022 में पूरा हुए सर्वे में पूरे गांव के संसाधन और सुविधाओं पर भी अध्ययन किया गया है। ऐसे में अधिग्रहण के बाद गांव की जरूरतों को पूरा करने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।