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हरहुआ में एक और अतिकुपोषित बच्चा मिला
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वाराणसी। हरहुआ ब्लॉक में शुक्रवार को दो अतिकुपोषित बच्चिों के मिलने के बाद शनिवार को भी यहां एक बच्चा अतिकुपोषित मिला। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम ने जांच के बाद बच्चे को दीनदयाल अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया।
आरबीएसके की टीम शनिवार को भी ब्लॉक में बच्चों की जांच करने के निकली थी। इस बीच नरसिंह भानपुर पुवारी कला की आंगनबाड़ी शीला देवी ने फोन कर एक बच्चे के अतिकुपोषित होने की जानकारी दी। नोडल मेडिकल आफिसर डॉ. अब्दुल जावेद अपनी टीम के साथ पहुंचे और बच्चे की जांच की। डॉ. जावेद ने बताया कि बच्चे की उम्र 13 महीने है और जन्म के समय ही मां की मृत्यु हो चुकी थी। देखभाल सही न होने की वजह से ही उसकी तबियत खराब हुई। बताया कि इस समय बच्चे का वजन 4 किलो 700 ग्राम है जबकि नियमानुसार आठ किलोग्राम होना चाहिए। इधर, शुक्रवार को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती आराधना और साधना की तबियत बिगड़ने पर उन्हें मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा रेफर कर दिया गया, यहां बाल रोग विभाग में उसका इलाज चल रहा है। इस दौरान डॉ. शैलेंद्र कुमार, विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।
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आरबीएसके की टीम शनिवार को भी ब्लॉक में बच्चों की जांच करने के निकली थी। इस बीच नरसिंह भानपुर पुवारी कला की आंगनबाड़ी शीला देवी ने फोन कर एक बच्चे के अतिकुपोषित होने की जानकारी दी। नोडल मेडिकल आफिसर डॉ. अब्दुल जावेद अपनी टीम के साथ पहुंचे और बच्चे की जांच की। डॉ. जावेद ने बताया कि बच्चे की उम्र 13 महीने है और जन्म के समय ही मां की मृत्यु हो चुकी थी। देखभाल सही न होने की वजह से ही उसकी तबियत खराब हुई। बताया कि इस समय बच्चे का वजन 4 किलो 700 ग्राम है जबकि नियमानुसार आठ किलोग्राम होना चाहिए। इधर, शुक्रवार को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती आराधना और साधना की तबियत बिगड़ने पर उन्हें मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा रेफर कर दिया गया, यहां बाल रोग विभाग में उसका इलाज चल रहा है। इस दौरान डॉ. शैलेंद्र कुमार, विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।
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