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आम आदमी पार्टी की गतिविधियों के बारे में जानकारी नहींः कुमार विश्वास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Wed, 28 Feb 2018 10:49 AM IST
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कुमार विश्वास
- फोटो : अमर उजाला
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कवि कुमार विश्वास मंगलवार को जौनपुर के केराकत में थे। एक सवाल के जबाव में कुमार विश्वास ने कहा कि वे आम आदमी पार्टी गतिविधियों के बारे में कुछ नहीं जानते। दिल्ली की आप सरकार जनता के वादों पर कितना खरा उतरी के सवाल पर उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
देश की बैंकिंग व्यवस्था को लचर बताते हुए कहा कि वह जैसी कांग्रेस के शासन काल में थी वैसी ही आज भी है। बैंक और सरकार की स्थिति यह है कि किसान का कर्ज वसूलने के लिए उसके घर पर जाकर बैठ जाते हैं लेकिन पूंजीपतियों का कुछ नहीं कर पाते हैं।
प्रधानमंत्री को उसी समय ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए थी कि कोई कर्ज लेकर विदेश न भागे जब विजय माल्या देश का पैसा लेकर भाग गया था। कुमार विश्वास कुसरना स्थित पार्वती पब्लिक स्कूल का 10 वां वार्षिकोत्सव समारोह में शामिल होने आए थे।
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देश की बैंकिंग व्यवस्था को लचर बताते हुए कहा कि वह जैसी कांग्रेस के शासन काल में थी वैसी ही आज भी है। बैंक और सरकार की स्थिति यह है कि किसान का कर्ज वसूलने के लिए उसके घर पर जाकर बैठ जाते हैं लेकिन पूंजीपतियों का कुछ नहीं कर पाते हैं।
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प्रधानमंत्री को उसी समय ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए थी कि कोई कर्ज लेकर विदेश न भागे जब विजय माल्या देश का पैसा लेकर भाग गया था। कुमार विश्वास कुसरना स्थित पार्वती पब्लिक स्कूल का 10 वां वार्षिकोत्सव समारोह में शामिल होने आए थे।
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बच्चों को फिल्मी गीतों पर नृत्य न सिखाएं
कवि कुमार विश्वास
- फोटो : सोशल मीडिया
पार्वती पब्लिक स्कूल में उन्होनें छात्रों को कविताएं सुनाईं और विद्यालय प्रबंधन से कहा कि वे बच्चों को फिल्मी गीतों पर नृत्य करना सिखाने के बजाय उनमें सांस्कृतिक संस्कार का विकास करें।
विद्यालय के बच्चों की प्रस्तुति की तारीफ करते हुए कहा कि छात्रों को लोकगीत, शास्त्रीय संगीत और नृत्य सिखाया जाना चाहिए। भगवान राम और रानी लक्ष्मीबाई की कहानी सुनाते हुए कहा कि माता-पिता को लड़कियों को प्रोत्साहित करना चाहिए क्योंकि वे भी अवनी चतुर्वेदी, कल्पना चावला बन सकती हैं।
भारतीय संस्कृति के साथ जीने की सलाह देते हुए कहा कि हिंदी और भोजपुरी में बात करें क्योंकि भाषा का बीज बचेगा तो संस्कृति का पेड़ भी पनपेगा। तंज कसते हुए कहा कि एक मुख्यमंत्री को शुभकामना दी तो वह प्रधानमंत्री बन गया। छात्रों के अनुरोध पर उन्होंने ‘कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है’ सुनाया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की।
विद्यालय के बच्चों की प्रस्तुति की तारीफ करते हुए कहा कि छात्रों को लोकगीत, शास्त्रीय संगीत और नृत्य सिखाया जाना चाहिए। भगवान राम और रानी लक्ष्मीबाई की कहानी सुनाते हुए कहा कि माता-पिता को लड़कियों को प्रोत्साहित करना चाहिए क्योंकि वे भी अवनी चतुर्वेदी, कल्पना चावला बन सकती हैं।
भारतीय संस्कृति के साथ जीने की सलाह देते हुए कहा कि हिंदी और भोजपुरी में बात करें क्योंकि भाषा का बीज बचेगा तो संस्कृति का पेड़ भी पनपेगा। तंज कसते हुए कहा कि एक मुख्यमंत्री को शुभकामना दी तो वह प्रधानमंत्री बन गया। छात्रों के अनुरोध पर उन्होंने ‘कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है’ सुनाया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की।