...तो निर्दल चुनाव लड़ेंगी कृष्णा पटेल
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कृष्णा पटेल के निर्दल चुनाव लड़ने की चर्चा है। चुनाव आयोग में पंजीकृत अपना दल (सोनेलाल) पार्टी के चुनाव चिह्न कप प्लेट पर अनुप्रिया गुट चुनाव लड़ेगा। पार्टी में विभाजन के बाद मां कृष्णा पटेल और बेटी केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के बीच हुए विवाद को सुनने से इंकार करने के साथ ही चुनाव आयोग ने निबटारे के लिए लोअर कोर्ट में जाने को कहा है।
इस बीच अनुप्रिया पटेल की ओर से मां कृष्णा पटेल से सशर्त पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया था। शर्त थी कि मां कृष्णा पटेल के पार्टी में आने के बाद राष्ट्रीय महासचिव पल्लवी पटेल का हस्तक्षेप पार्टी में नहीं होगा। इसे लेकर मां-बेटी में समझौता नहीं हो सका है।
इससे पहले चुनाव आयोग में नाम-निशान की लड़ाई हार चुकीं कृष्णा पटेल ने शनिवार अपनी बेटी और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व वाले अपना दल (सोनेलाल)-भाजपा गठबंधन के खिलाफ 11 सीटों पर उम्मीदवारों का एलान कर दिया। वह खुद प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र की रोहनिया विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगी।
वर्ष 2012 में अद के टिकट पर रोहनिया से चुनाव जीतीं अनुप्रिया पटेल के पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन से मिर्जापुर से सांसद चुने जाने के बाद यह सीट रिक्त हो गई थी। तब हुए उप चुनाव में अद से इसी सीट से कृष्णा पटेल सपा के महेंद्र पटेल से हार गई थीं।
इसके बाद से रोहनिया पर सपा का कब्जा है। अब इस बार भाजपा ने रोहनिया सीट अद (सोनेलाल) को नहीं दी है। यहां से भाजपा के सुरेंद्र प्रताप औढ़े चुनाव मैदान में हैं। कृष्णा पटेल ऐसे समय भाजपा-अद (सोनेलाल) गठबंधन के खिलाफ खुद उम्मीदवार के रूप में चुनावी संग्राम में उतरी हैं, जब उनकी पुत्री अनुप्रिया केंद्र में इसी नाव के सहारे मंत्री बनी हैं।
ऐसे में मां ने बेटी के लिए गठबंधन की राजनीति में एक बारगी असहज स्थिति पैदा कर दी है। कहा जा रहा है कि कुर्मी बाहुल्य रोहनिया सीट पर कृष्णा पटेल के आने के बाद समीकरणों में उतार-चढ़ाव आ सकता है। जिलाध्यक्ष राजेश पटेल ने बताया कि रविवार को कृष्णा पटेल कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव की रणनीति तय करेंगी।