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कोटवा में वायरल फीवर का प्रकोप, कई चपेट में
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Mon, 28 Mar 2016 02:15 AM IST
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लड़के के साथ कुकर्म
- फोटो : demo pic
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कोटवा गांव की मुस्लिमपुरा, खरका और डीहवा बस्ती के लोग वायरल फीवर का प्रकोप फैल गया है। तेज बुखार, पेट दर्द, शरीर पर दाने और और खुजली भी हो रही है। ग्रामीण इसे चेचक मान रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इसे महज खुजली और सामान्य बुखार बता रहे हैं। कोई चिकित्सा टीम रविवार तक गांव नहीं भेजी गई थी। ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराने को मजबूर हैं।
कोटवा की तीनों बस्तियों में एक सप्ताह से बुखार के साथ शरीर पर दाने और खुजली की समस्या से लोग परेशान हैं। कई परिवारों के तो सारे सदस्य बीमार हैं। मुस्लिमपुरा और खरका के मुन्नु पहलवान, रमजान, शमशेर और गुड्डु सिंह ने बताया कि गांव में जगह-जगह गंदगी है और दूषित पेयजल आपूर्ति हो रही है। मुस्लिमपुरा के मो. शोहराब, मुश्ताक अहमद और बच्चों में अलीराजा (8), मोहसिन रजा (10), अरशद रजा (5), मो. दानिश (6), सानिया (12), मो. फैजान (2) और सोमैरा (5) पीड़ित है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यापीठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर इसकी सूचना भी दी गई लेकिन चिकित्सकों की टीम नहीं भेजी गई।
कोटवा के मुस्लिमपुरा में पिछले साल डेंगू फैलने से 15 मौतें हुई थीं। तब स्वास्थ्य महकमे को कैंप लगाना पड़ा था। इस बार बीमारी की सूचना के बाद भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र काशी विद्यापीठ ने अब तक कोई पहल नहीं की है।
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कोटवा की तीनों बस्तियों में एक सप्ताह से बुखार के साथ शरीर पर दाने और खुजली की समस्या से लोग परेशान हैं। कई परिवारों के तो सारे सदस्य बीमार हैं। मुस्लिमपुरा और खरका के मुन्नु पहलवान, रमजान, शमशेर और गुड्डु सिंह ने बताया कि गांव में जगह-जगह गंदगी है और दूषित पेयजल आपूर्ति हो रही है। मुस्लिमपुरा के मो. शोहराब, मुश्ताक अहमद और बच्चों में अलीराजा (8), मोहसिन रजा (10), अरशद रजा (5), मो. दानिश (6), सानिया (12), मो. फैजान (2) और सोमैरा (5) पीड़ित है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यापीठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर इसकी सूचना भी दी गई लेकिन चिकित्सकों की टीम नहीं भेजी गई।
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कोटवा के मुस्लिमपुरा में पिछले साल डेंगू फैलने से 15 मौतें हुई थीं। तब स्वास्थ्य महकमे को कैंप लगाना पड़ा था। इस बार बीमारी की सूचना के बाद भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र काशी विद्यापीठ ने अब तक कोई पहल नहीं की है।
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