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Varanasi News: 10 मिनट में किडनी की जांच, आईआईटी बीएचयू ने बनाई पेपर माइक्रो चिप
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क्रिटेनिन का स्तर भी बताएगी डिवाइस, वैज्ञानिकों को मिला गांधीवादी युवा प्रौद्योगिकी नवाचार पुरस्कार
दोनों रिपोर्ट को देखने के लिए मोबाइल एप क्रेटचेक भी बनाया
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। आईआईटी बीएचयू ने एक सस्ते पेपर की चिप डिवाइस बनाई है। जो कि मात्र 10 मिनट में किडनी की जांच कर रिपोर्ट देगी। अभी तक इसकी जांच करने वाले लैब 4-5 घंटे में रिपोर्ट देते हैं। ये चिप किडनी में क्रिटेनिन का स्तर कितना है, उसकी वैल्यू भी बताएगी। पूरी रिपोर्ट देखने के लिए क्रेटचेक नाम का एप बना है। वहीं, एल्ब्यूमिन की जांच के लिए भी एक 3डी-प्रिंटेड कैस्केड बनाया गया है। दोनों रोगों की जांच रिपोर्ट देखने के लिए कंबाइंड मोबाइल एप बनाया जाएगा।
क्रेटिनिन, किडनी की कार्यक्षमता को बताता है और एल्ब्यूमिन उतकों की मरम्मत के लिए जरूरी प्रोटीन बनाता है। इस डिवाइस को संस्थान के स्कूल ऑफ बायोकेमिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर डॉ. प्रांजल चंद्रा और पीएचडी छात्रा दिव्या ने तैयार किया है। इसे पेपर माइक्रो चिप नैनो इंजीनियरिंग तकनीक से विकसित किया गया है। इसके लिए डॉ. चंद्रा और दिव्या को सृष्टि और हनी बी नेटवर्क की ओर से गांधीवादी युवा प्रौद्योगिकी नवाचार पुरस्कार दिया गया। आईआईटी बीएचयू के डायरेक्टर ने भी दोनों शोधकर्ताओं का सम्मान किया। इससे यूरीन या सलाइवा के सैंपल की जांच की जा सकती है। रेड सिग्नल पर खतरा और ग्रीन पर किडनी ठीक है। वहीं, कितना इंफेक्शन है उसका लेवल भी पता चलेगा। डॉ. प्रांजल चंद्रा ने बताया कि क्रोनिक किडनी डिजिज से 80 करोड़ लोग पीड़ित हैं। वैश्विक जनसंख्या का 10% से ज्यादा। पिछले दो दशकों में इससे होने वाली मृत्यु दर में 42% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे समय रहते इलाज की जरूरत है।
सिर्फ दो हजार में तैयार होगा मशीन का सेटअप
डॉ. चंद्रा ने बताया कि आईआईटी में बनी ये डिवाइस 100 रुपये से भी कम खर्च में जांच कर सकती है। वहीं, इसे कहीं भी ले जाया जा सकता है। इन दोनों सेटअप को तैयार करने में महज 2000 रुपये का खर्च आता है। रोगी बिना कहीं गए घर में ही जांच कर सकता है।
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गांवों में बड़ी आबादी की जांच में होगी सुविधा
डॉ. चंद्रा ने कहा कि ये डिवाइस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिन्हें किडनी की गंभीर बीमारी है, उनके लिए काफी बेहतर हो सकती है। सरकार किडनी मरीजों का पता लगाने के लिए बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग करा सकती है, क्योंकि इसे कहीं भी लेकर जाया जा सकता है।
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दोनों रिपोर्ट को देखने के लिए मोबाइल एप क्रेटचेक भी बनाया
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। आईआईटी बीएचयू ने एक सस्ते पेपर की चिप डिवाइस बनाई है। जो कि मात्र 10 मिनट में किडनी की जांच कर रिपोर्ट देगी। अभी तक इसकी जांच करने वाले लैब 4-5 घंटे में रिपोर्ट देते हैं। ये चिप किडनी में क्रिटेनिन का स्तर कितना है, उसकी वैल्यू भी बताएगी। पूरी रिपोर्ट देखने के लिए क्रेटचेक नाम का एप बना है। वहीं, एल्ब्यूमिन की जांच के लिए भी एक 3डी-प्रिंटेड कैस्केड बनाया गया है। दोनों रोगों की जांच रिपोर्ट देखने के लिए कंबाइंड मोबाइल एप बनाया जाएगा।
क्रेटिनिन, किडनी की कार्यक्षमता को बताता है और एल्ब्यूमिन उतकों की मरम्मत के लिए जरूरी प्रोटीन बनाता है। इस डिवाइस को संस्थान के स्कूल ऑफ बायोकेमिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर डॉ. प्रांजल चंद्रा और पीएचडी छात्रा दिव्या ने तैयार किया है। इसे पेपर माइक्रो चिप नैनो इंजीनियरिंग तकनीक से विकसित किया गया है। इसके लिए डॉ. चंद्रा और दिव्या को सृष्टि और हनी बी नेटवर्क की ओर से गांधीवादी युवा प्रौद्योगिकी नवाचार पुरस्कार दिया गया। आईआईटी बीएचयू के डायरेक्टर ने भी दोनों शोधकर्ताओं का सम्मान किया। इससे यूरीन या सलाइवा के सैंपल की जांच की जा सकती है। रेड सिग्नल पर खतरा और ग्रीन पर किडनी ठीक है। वहीं, कितना इंफेक्शन है उसका लेवल भी पता चलेगा। डॉ. प्रांजल चंद्रा ने बताया कि क्रोनिक किडनी डिजिज से 80 करोड़ लोग पीड़ित हैं। वैश्विक जनसंख्या का 10% से ज्यादा। पिछले दो दशकों में इससे होने वाली मृत्यु दर में 42% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे समय रहते इलाज की जरूरत है।
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सिर्फ दो हजार में तैयार होगा मशीन का सेटअप
डॉ. चंद्रा ने बताया कि आईआईटी में बनी ये डिवाइस 100 रुपये से भी कम खर्च में जांच कर सकती है। वहीं, इसे कहीं भी ले जाया जा सकता है। इन दोनों सेटअप को तैयार करने में महज 2000 रुपये का खर्च आता है। रोगी बिना कहीं गए घर में ही जांच कर सकता है।
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गांवों में बड़ी आबादी की जांच में होगी सुविधा
डॉ. चंद्रा ने कहा कि ये डिवाइस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिन्हें किडनी की गंभीर बीमारी है, उनके लिए काफी बेहतर हो सकती है। सरकार किडनी मरीजों का पता लगाने के लिए बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग करा सकती है, क्योंकि इसे कहीं भी लेकर जाया जा सकता है।