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मिर्जापुरः डिप्टी सीएम को स्वामी अड़गड़ानंद महाराज ने पढ़ाया राजनीति का पाठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Mon, 23 Jul 2018 08:16 PM IST
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स्वामी अड़गड़ानंद से आशीर्वाद लेने पहुंचे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
- फोटो : अमर उजाला
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मिर्जापुर जिले के सक्तेशगढ़ स्थित परमहंस आश्रम में सोमवार को स्वामी अड़गड़ानंद महाराज ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को रामायण और गीता सुनाकर राजनीति का पाठ पढ़ाया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वह मां विंध्यवासिनी और स्वामी जी के दर्शन कर जिले का सर्वांगीण विकास करने आए हैं।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य 11.05 पर सक्तेशगढ़ स्थित परमहंस आश्रम के परिसर में बने हेलीपैड पर उतरे। उन्होंने स्वामी अड़गड़ानंद महाराज का आशीर्वाद लिया। स्वामी अड़गड़ानंद ने उप मुख्यमंत्री को रामायण एवं गीता का पाठ सुनाया।
माता सीता के वन जाने से लेकर लवकुश के अश्वमेध यज्ञ का घोड़ा पकड़कर लाने तक की कथा सुनाई। कहा कि अयोध्या की सेना समेत सभी योद्धाओं को पछाड़ने के बाद जब लवकुश ने श्रीराम से पूछा कि जिनको आप पवित्र जानते थे, उन माता सीता को एक अयोध्यावासी के कहने पर राज्य से निकल देना कहां की नीति है? इस पर श्रीराम ने कहा कि इसका उत्तर केवल राज्य की प्रजा ही दे सकती है। स्वामी जी ने उप मुख्यमंत्री को प्रवचन के माध्यम से राजनीति की शिक्षा दी।
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उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य 11.05 पर सक्तेशगढ़ स्थित परमहंस आश्रम के परिसर में बने हेलीपैड पर उतरे। उन्होंने स्वामी अड़गड़ानंद महाराज का आशीर्वाद लिया। स्वामी अड़गड़ानंद ने उप मुख्यमंत्री को रामायण एवं गीता का पाठ सुनाया।
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माता सीता के वन जाने से लेकर लवकुश के अश्वमेध यज्ञ का घोड़ा पकड़कर लाने तक की कथा सुनाई। कहा कि अयोध्या की सेना समेत सभी योद्धाओं को पछाड़ने के बाद जब लवकुश ने श्रीराम से पूछा कि जिनको आप पवित्र जानते थे, उन माता सीता को एक अयोध्यावासी के कहने पर राज्य से निकल देना कहां की नीति है? इस पर श्रीराम ने कहा कि इसका उत्तर केवल राज्य की प्रजा ही दे सकती है। स्वामी जी ने उप मुख्यमंत्री को प्रवचन के माध्यम से राजनीति की शिक्षा दी।
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