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काशी को सलामत रखते हुए बनाएं स्मार्ट सिटी
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Fri, 12 Feb 2016 02:50 AM IST
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किसी शहर को स्मार्ट बनाया जा सकता है लेकिन काशी के घाटों को दोबारा नहीं बनाया जा सकता। उसके मौलिक स्वरूप को संरक्षित करना जरूरी है। यह बात सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश संविदा श्रम सलाहकार बोर्ड के चेयरमैन शतरूद्र प्रकाश की पुस्तक ‘वाराणसी स्मार्ट सिटी’ के विमोचन के बाद कही।
लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग स्थित अपने आवास पर पुस्तक का विमोचन करने के बाद उन्होंने कहा कि यह पुस्तक बहुत ही सामयिक है। गंगा का विशेष महत्व है। इसके किनारे काशी में निर्मित घाट देश की धरोहर हैं। इनका संरक्षण होना चाहिए। महज 32 पेज की पुस्तिका में स्मार्ट सिटी योजना के पहले चरण में बनारस सहित यूपी और बिहार के किसी भी शहर के शामिल नहीं होने के कारणों की पड़ताल की गई है।
शतरूद्र प्रकाश ने एक जगह लिखा है कि स्मार्ट सिटी की अवधारणा शहर का मूल चरित्र नहीं बदलती है। हर शहर की आत्मा होती है, अगर आप उसे खो देंगे तो उसे वापस लौटाना बहुत मुश्किल हो जाएगा। ऐसा लगने लगेगा कि आप किसी कारखाने में रह रहे हैं।
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पुस्तिका में बनारस में मेट्रो रेल, शहर की यातायात व्यवस्था, साफ सफाई, कचरा प्रबंधन आदि बुनियादी नागरिक सुविधाओं का इंतजाम किस तरह का होना चाहिए और उसकी क्या दिक्कतें हैं आदि की पड़ताल की गई है। विमोचन समारोह में उत्तर प्रदेश समाज कल्याण बोर्ड की पूर्व अध्यक्ष अंजना प्रकाश भी मौजूद रहीं।
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लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग स्थित अपने आवास पर पुस्तक का विमोचन करने के बाद उन्होंने कहा कि यह पुस्तक बहुत ही सामयिक है। गंगा का विशेष महत्व है। इसके किनारे काशी में निर्मित घाट देश की धरोहर हैं। इनका संरक्षण होना चाहिए। महज 32 पेज की पुस्तिका में स्मार्ट सिटी योजना के पहले चरण में बनारस सहित यूपी और बिहार के किसी भी शहर के शामिल नहीं होने के कारणों की पड़ताल की गई है।
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शतरूद्र प्रकाश ने एक जगह लिखा है कि स्मार्ट सिटी की अवधारणा शहर का मूल चरित्र नहीं बदलती है। हर शहर की आत्मा होती है, अगर आप उसे खो देंगे तो उसे वापस लौटाना बहुत मुश्किल हो जाएगा। ऐसा लगने लगेगा कि आप किसी कारखाने में रह रहे हैं।
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पुस्तिका में बनारस में मेट्रो रेल, शहर की यातायात व्यवस्था, साफ सफाई, कचरा प्रबंधन आदि बुनियादी नागरिक सुविधाओं का इंतजाम किस तरह का होना चाहिए और उसकी क्या दिक्कतें हैं आदि की पड़ताल की गई है। विमोचन समारोह में उत्तर प्रदेश समाज कल्याण बोर्ड की पूर्व अध्यक्ष अंजना प्रकाश भी मौजूद रहीं।