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BHU: ओडिशा की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत जानेंगे बीएचयू के छात्र, इस पीठ की हुई स्थापना
Fri, 20 Dec 2024 12:38 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Fri, 20 Dec 2024 12:38 PM IST
सार
बीएचयू में पढ़ने वाले छात्र अब ओडिशा की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत जानेंगे। इसके लिए यहां कवि सम्राट उपेंद्र भांजा पीठ की स्थापना की गई है।
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BHU
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उड़िया भाषा, साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में ओडिशा सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके लिए बीएचयू में कवि सम्राट उपेंद्र भांजा पीठ की स्थापना की गई है। पीठ के माध्यम से अध्ययन के लिए अन्य विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ सहयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।
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ओड़िशा की समृद्ध साहित्यिक विरासत के प्रसार और विद्वानों व विद्यार्थियों के बीच गहरी समझ को बढ़ावा देने के लिए इस पीठ की स्थापना हुई है। उपेंद्र भांजा पीठ के समन्वयक संस्कृत विभाग के प्रो. गोपबंधु मिश्रा ने बताया कि भांजा ओडिशा साहित्य से जुड़े एक महान व्यक्तित्व हैं।
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ओडिशा साहित्य के संवर्धन में उनका उल्लेखनीय योगदान है। उनकी रचनाएं ओडिशा के सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य और विरासत की एक आकर्षक व सशक्त झलक पेश करती हैं। बीएचयू में कवि सम्राट उपेंद्र भांजा पीठ की स्थापना का उद्देश्य व्यापक शिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा देना है। साथ ही उड़िया भाषा और साहित्य के अध्ययन को आगे बढ़ाने के लिए अन्य विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ सहयोग को प्रोत्साहित करना है।
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पीठ के लिए गठित कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष कला संकाय के प्रमुख होंगे। वरिष्ठ सलाहकार प्रो. कमलशील, कला इतिहास विभाग के प्रो. प्रदोष कुमार मिश्र, भूविज्ञान विभाग के डॉ. अमिय सामल को कार्यक्रम समिति का सदस्य बनाया गया है।