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सांसद का टिकट पाने वाले बनारस के पहले मेयर बने कौशलेंद्र सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 20 Feb 2018 02:23 PM IST
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कौशलेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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बनारस के मेयर के कार्यकाल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि किसी मेयर को सांसद का टिकट दिया गया है। इसके पहले सरोज सिंह, अमरनाथ यादव, राम गोपाल मोहले आदि मेयर रहे चुके हैं। जिन्हें बाद में भाजपा ने कोई टिकट नहीं दिया। पार्टी सूत्रों की मानें तो 2012 से ही पूर्व मेयर कौशलेंद्र सिंह टिकट के प्रयास में लगे रहे लेकिन सफलता 2018 में मिली।
बता दें कि कौशलेंद्र सिंह को फूलपुर से सांसद उपचुनाव के लिए टिकट दिया गया है। पार्टी के पटेल नेताओं में कौशलेंद्र की अच्छी पैठ है। बीते विधानसभा चुनाव में रोहनिया सीट से उन्हें टिकट देने की चर्चा रही लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उनके बजाय सुरेंद्र नारायण सिंह को टिकट दिया था।
पार्टी में कौशलेंद्र को लेकर एक लॉबी शुरू से विरोध करती चली आ रही है। उस लॉबी की मानें तो जुगाड़ लगाने में कौशलेंद्र काफी माहिर हैं। जिसका फायदा उन्हें मिला है। टिकट मिलने के बाद पूर्व मेयर कौशलेंद्र सिंह ने बाबा विश्वनाथ, कालभैरव, केदारेश्वर का आशीर्वाद लिया।
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इसके बाद पार्टी कार्यालय गुलाब बाग पहुंचे जहां पदाधिकारियों से मुलाकात और आशीर्वाद लेकर इलाहाबाद रवाना हो गए। पूर्व मेयर ने कहा कि पार्टी ने उन पर विश्वास जताया है। पार्टी के विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
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बता दें कि कौशलेंद्र सिंह को फूलपुर से सांसद उपचुनाव के लिए टिकट दिया गया है। पार्टी के पटेल नेताओं में कौशलेंद्र की अच्छी पैठ है। बीते विधानसभा चुनाव में रोहनिया सीट से उन्हें टिकट देने की चर्चा रही लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उनके बजाय सुरेंद्र नारायण सिंह को टिकट दिया था।
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पार्टी में कौशलेंद्र को लेकर एक लॉबी शुरू से विरोध करती चली आ रही है। उस लॉबी की मानें तो जुगाड़ लगाने में कौशलेंद्र काफी माहिर हैं। जिसका फायदा उन्हें मिला है। टिकट मिलने के बाद पूर्व मेयर कौशलेंद्र सिंह ने बाबा विश्वनाथ, कालभैरव, केदारेश्वर का आशीर्वाद लिया।
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इसके बाद पार्टी कार्यालय गुलाब बाग पहुंचे जहां पदाधिकारियों से मुलाकात और आशीर्वाद लेकर इलाहाबाद रवाना हो गए। पूर्व मेयर ने कहा कि पार्टी ने उन पर विश्वास जताया है। पार्टी के विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और कौशलेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के करीबी होने के नाते पूर्व मेयर कौशलेंद्र सिंह को फूलपुर से सांसद उपचुनाव के लिए टिकट दिया गया है। भाजपा के पूर्व मंत्री ओम प्रकाश सिंह ने कौशलेंद्र को राजनीति का ककहरा सिखाया।
पूर्व मंत्री के मिर्जापुर चुनार के मगरहा गांव के ही कौशलेंद्र हैं। बाद में पूर्व मंत्री के विरोध के चलते मेयर का टिकट बसपा कार्यकाल में दिया गया। 2007 से 2012 तक कौशलेंद्र बनारस के मेयर रहे।
उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से राजनीति में प्रवेश किया। इसके बाद उन्हें भाजपा के युवा मोर्चा में प्रदेश कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। इसी दौरान उन्हें मेयर का टिकट दिया गया। मेयर के बाद उन्हें भाजपा प्रदेश संगठन मेें प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी दी गई।
अभी वर्तमान में वे प्रदेश मंत्री हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान कौशलेंद्र को काशी प्रांत की परिवर्तन यात्रा की जिम्मेदारी दी गई थी। इस दौरान वे काशी प्रांत के सभी जिलों में परिवर्तन यात्रा लेकर गए थे।
2012 लोकसभा चुनाव में मिर्जापुर से सांसद और 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट के दावेदार रहे। लेकिन समीकरण नहीं बैठने के कारण उन्हें टिकट नहीं दिया गया। इस दौरान वे पार्टी के कार्यों में लगे रहे।
पूर्व मंत्री के मिर्जापुर चुनार के मगरहा गांव के ही कौशलेंद्र हैं। बाद में पूर्व मंत्री के विरोध के चलते मेयर का टिकट बसपा कार्यकाल में दिया गया। 2007 से 2012 तक कौशलेंद्र बनारस के मेयर रहे।
उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से राजनीति में प्रवेश किया। इसके बाद उन्हें भाजपा के युवा मोर्चा में प्रदेश कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। इसी दौरान उन्हें मेयर का टिकट दिया गया। मेयर के बाद उन्हें भाजपा प्रदेश संगठन मेें प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी दी गई।
अभी वर्तमान में वे प्रदेश मंत्री हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान कौशलेंद्र को काशी प्रांत की परिवर्तन यात्रा की जिम्मेदारी दी गई थी। इस दौरान वे काशी प्रांत के सभी जिलों में परिवर्तन यात्रा लेकर गए थे।
2012 लोकसभा चुनाव में मिर्जापुर से सांसद और 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट के दावेदार रहे। लेकिन समीकरण नहीं बैठने के कारण उन्हें टिकट नहीं दिया गया। इस दौरान वे पार्टी के कार्यों में लगे रहे।