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अनूठे रंगोत्सव की आज साक्षी बनेगी काशी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 08 Mar 2017 01:23 AM IST
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amarujala
- फोटो : amarujala
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लोकतंत्र के महापर्व पर काशी बुधवार को अनूठे रंगोत्सव की साक्षी बनेगी। मौका होगा बाबा विश्वनाथ के गौने का। बाबा गौना कराने रजत पालकी से निकलेंगे। काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत डॉ. कुलपति तिवारी के घर से डोली शाम पांच बजे उठेगी। बाबा के गौने का डोला सजा दिया गया है। गोद में पुत्र प्रथमेश को लिए मां पार्वती की प्रतिमा का दोपहर से ही शृंगार होने लगेगा। डोली उठने के साथ ही विश्वनाथ गली अबीर-गुलाल की बौछार से लाल हो जाएगी। इसी के साथ पांच दिनी होलाष्टक लगने से काशी में होली आरंभ हो जाएगी।
बाबा विश्वनाथ शाही पगड़ी और धोती में गौना कराने के लिए निकलेंगे। राजा दरवाजा के दर्जी किशन लाल ने खादी के लाल कपड़े की बगलबंदी सिली है। बाबा दुुपट्टा भी ओढ़ेंगे। शाही पगड़ी लल्लापुरा के गयासुद्दीन के पौत्र ने बनाई है। मंडप रात को ही बना लिया गया। पंचामृत स्नान सुबह छह बजे होगा। इसके बाद मां पार्वती को हल्दी लग जाएगी। बाबा के यज्ञोपवीत के बाद शृंगार आरंभ होगा। पूजन के बाद आरती होगी और फिर बाबा विश्राम करेंगे।
महिलाएं सुबह ही मंगलगीतों के साथ मां पार्वती के शृंगार में जुट जाएंगी। शिवांजलि में अमलेश शुक्ल अमन, स्नेहा अवस्थी, ममता शर्मा, ओम तिवारी के भजनों की प्रस्तुति होगी। अमित त्रिपाठी शिव तांडव पेश करेंगे। भगवान शिव-पार्वती पर आधारित शिव तांडव भी होगा। महंत ने बताया कि बाबा सपरिवार रजत सिंहासन वाली डोली पर शाम पांच बजे महाआरती के बाद विराजेंगे। इसी के साथ अबीर-गुलाल की बौछार शुरू हो जाएगी। महंत आवास, विश्वनाथ गली से लेकर स्वर्ण शिखरों वाले बाबा के मुक्तांगन तक का हर कोना गुलाल से लाल हो जाएगा।
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विश्वनाथ मंदिर में रंगभरी एकादशी के उत्सव को संगीतमय बनाने की तैयारी को मंगलवार की शाम अंतिम रूप दे दिया गया। न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी और मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ज्ञानवापी के पीछे शृंगार गौरी परिसर में भव्य मंच पर शिवार्चन संगीत संध्या का उद्घाटन करेंगे। ठुमरी गायक पद्मभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र का गायन होगा। अभिजीत चक्रवर्ती के कथक नृत्य के बाद वसुंधरा शर्मा और रुद्रशंकर का युगल कथक नृत्य होगा। नरेंद्र नाथ मिश्र सितार वादन प्रस्तुत करेंगे। डॉ. विधि नागर होली पर आधारित नृत्य नाटिका पेश करेंगी।
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बाबा विश्वनाथ शाही पगड़ी और धोती में गौना कराने के लिए निकलेंगे। राजा दरवाजा के दर्जी किशन लाल ने खादी के लाल कपड़े की बगलबंदी सिली है। बाबा दुुपट्टा भी ओढ़ेंगे। शाही पगड़ी लल्लापुरा के गयासुद्दीन के पौत्र ने बनाई है। मंडप रात को ही बना लिया गया। पंचामृत स्नान सुबह छह बजे होगा। इसके बाद मां पार्वती को हल्दी लग जाएगी। बाबा के यज्ञोपवीत के बाद शृंगार आरंभ होगा। पूजन के बाद आरती होगी और फिर बाबा विश्राम करेंगे।
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महिलाएं सुबह ही मंगलगीतों के साथ मां पार्वती के शृंगार में जुट जाएंगी। शिवांजलि में अमलेश शुक्ल अमन, स्नेहा अवस्थी, ममता शर्मा, ओम तिवारी के भजनों की प्रस्तुति होगी। अमित त्रिपाठी शिव तांडव पेश करेंगे। भगवान शिव-पार्वती पर आधारित शिव तांडव भी होगा। महंत ने बताया कि बाबा सपरिवार रजत सिंहासन वाली डोली पर शाम पांच बजे महाआरती के बाद विराजेंगे। इसी के साथ अबीर-गुलाल की बौछार शुरू हो जाएगी। महंत आवास, विश्वनाथ गली से लेकर स्वर्ण शिखरों वाले बाबा के मुक्तांगन तक का हर कोना गुलाल से लाल हो जाएगा।
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विश्वनाथ मंदिर में रंगभरी एकादशी के उत्सव को संगीतमय बनाने की तैयारी को मंगलवार की शाम अंतिम रूप दे दिया गया। न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी और मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ज्ञानवापी के पीछे शृंगार गौरी परिसर में भव्य मंच पर शिवार्चन संगीत संध्या का उद्घाटन करेंगे। ठुमरी गायक पद्मभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र का गायन होगा। अभिजीत चक्रवर्ती के कथक नृत्य के बाद वसुंधरा शर्मा और रुद्रशंकर का युगल कथक नृत्य होगा। नरेंद्र नाथ मिश्र सितार वादन प्रस्तुत करेंगे। डॉ. विधि नागर होली पर आधारित नृत्य नाटिका पेश करेंगी।