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काशी को स्मार्ट बनाने में मदद करेगा नार्वे
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 07 Jun 2016 01:32 AM IST
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मेयर और नगर आयुक्त से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते नार्वे के राजदूत नील्स रगनार ( नीले सूट में) और दूतावास के सचिव योहान लूव।
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काशी में संस्कृति, शिक्षा और पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही बुनियादी सुविधाओं की बेहतर बनाने के लिए जापान के बाद नार्वे ने भी हाथ बढ़ाया है। सोमवार को नार्वे के राजदूत नील्स रगनार काम्सवाग और दूतावास के सचिव योहान लूव ने नगर निगम कार्यालय में मेयर रामगोपाल मोहले और नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
मेयर ने बताया कि राजदूत ने आर्थिक और तकनीकी सहयोग करने का संकेत दिया है। शहर को स्मार्ट सिटी बनाने में भी सहयोग करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि राजदूत ने संस्कृति, शिक्षा और पर्यटन की साथ ही सफाई, सीवेज, कूड़ा प्रबंधन समेत नागरिक सुविधाओं से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी ली। इस सिलसिले में वे लोग मंगलवार को लखनऊ में राज्यपाल रामनाईक और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात करेंगें। नार्वे के राजदूत स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार से वार्ता के बाद वाराणसी में आर्थिक निवेश और तकनीकी सहयोग के लिए अपने देश को अवगत कराएंगे। राजदूत ने बताया कि उनके यहां स्मार्ट सिटी के कई विकल्प हैं। इस दिशा में वे कई देशों तकनीकी सहयोग दे रहे हैं।
भारत में नार्वे के राजदूत नील्स रगनार काम्सवाग ने सोमवार को बीएचयू भी पहुंचे। यहां उन्होंने कुलसचिव और विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश में निवेश के मद्देनजर आर्थिक और राजनीतिक हालातों पर चर्चा की। बीएचयू के एलडी गेस्ट हाउस में राजदूत और कुलसचिव डॉ. केपी उपाध्याय के बीच मुलाकात हुई। बताया जा रहा है कि नार्वे की उत्तर प्रदेश में निवेश की योजना है, जिसके लिए वह यहां की हरेक स्थितियों की जानकारी कर लेना चाहता है। इस दौरान अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र और सांख्यिकी के विशेषज्ञों के साथ उनकी चर्चा हुई। सामाजिक विज्ञान संकाय प्रमुख प्रो. मंजीत चतुर्वेदी ने बताया कि राजनीतिक स्थिरता पर ही निवेश का माहौल तैयार होता है। राजदूत इसी संबंध में जानकारी चाह रहे थे। इस दौरान प्रो. केके सिंह, प्रो. आरपी सिंह, डॉ. अभिनव शर्मा, डॉ. अजय कुमार यादव और अंतरराष्ट्रीय केंद्र के चेयरमैन प्रो. एचबी श्रीवास्तव मौजूद थे। राजदूत के साथ उनकी पत्नी और दूतावास के सचिव योहान लूव भी थे।
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मेयर ने बताया कि राजदूत ने आर्थिक और तकनीकी सहयोग करने का संकेत दिया है। शहर को स्मार्ट सिटी बनाने में भी सहयोग करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि राजदूत ने संस्कृति, शिक्षा और पर्यटन की साथ ही सफाई, सीवेज, कूड़ा प्रबंधन समेत नागरिक सुविधाओं से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी ली। इस सिलसिले में वे लोग मंगलवार को लखनऊ में राज्यपाल रामनाईक और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात करेंगें। नार्वे के राजदूत स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार से वार्ता के बाद वाराणसी में आर्थिक निवेश और तकनीकी सहयोग के लिए अपने देश को अवगत कराएंगे। राजदूत ने बताया कि उनके यहां स्मार्ट सिटी के कई विकल्प हैं। इस दिशा में वे कई देशों तकनीकी सहयोग दे रहे हैं।
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भारत में नार्वे के राजदूत नील्स रगनार काम्सवाग ने सोमवार को बीएचयू भी पहुंचे। यहां उन्होंने कुलसचिव और विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश में निवेश के मद्देनजर आर्थिक और राजनीतिक हालातों पर चर्चा की। बीएचयू के एलडी गेस्ट हाउस में राजदूत और कुलसचिव डॉ. केपी उपाध्याय के बीच मुलाकात हुई। बताया जा रहा है कि नार्वे की उत्तर प्रदेश में निवेश की योजना है, जिसके लिए वह यहां की हरेक स्थितियों की जानकारी कर लेना चाहता है। इस दौरान अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र और सांख्यिकी के विशेषज्ञों के साथ उनकी चर्चा हुई। सामाजिक विज्ञान संकाय प्रमुख प्रो. मंजीत चतुर्वेदी ने बताया कि राजनीतिक स्थिरता पर ही निवेश का माहौल तैयार होता है। राजदूत इसी संबंध में जानकारी चाह रहे थे। इस दौरान प्रो. केके सिंह, प्रो. आरपी सिंह, डॉ. अभिनव शर्मा, डॉ. अजय कुमार यादव और अंतरराष्ट्रीय केंद्र के चेयरमैन प्रो. एचबी श्रीवास्तव मौजूद थे। राजदूत के साथ उनकी पत्नी और दूतावास के सचिव योहान लूव भी थे।
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