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भव्य रूप से मनाया जाएगा काशी विश्वनाथ मंदिर का स्थापना दिवस, इतने ब्राह्मण करेंगे रूद्राभिषेक
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 13 Oct 2018 03:55 PM IST
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श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर
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श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर का स्थापना दिवस इस बार 21 नवंबर को भव्य तरीके से मनाया जाएगा। उस दिन 151 ब्राह्मण रुद्राभिषेक करेंगे और गरीबों को अन्न व वस्त्र बांटे जाएंगे। शाम के समय भक्ति भजन का कार्यक्रम होगा। साथ ही गरीबों में अंग वस्त्र का वितरण भी किया जाएगा।
मान्यता के अनुसार बाबा विश्वनाथ के मंदिर की स्थापना कार्तिक माह की शुक्ल चतुदर्शी तिथि जिसे बैकुंठ चतुर्दशी भी कहते हैं को हुई थी। मंदिर में इस दिन को स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस बार बैकुंठ चतुर्दशी 21 नवंबर को पड़ रही है।
इस दिन पहले 51 ब्राह्मणों द्वारा रुद्राभिषेक कर बाबा का शृंगार किया जाता था मगर इस बार 151 ब्राह्मण रुद्राभिषेक करेंगे। विद्वानों को भी अतिथि के रूप में बुलाया जाएगा। मंदिर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि स्थापना दिवस को इस बार विशेष रूप से मनाया जाएगा।
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इसके लिए पर्याप्त प्रचार प्रसार कर भक्तों को जोड़ा जाएगा। साथ ही 151 ब्राह्मणों के चयन के लिए गूगल के सहारे प्रकांड विद्वानों को खोज कर उस दिन विशेषतौर पर आमंत्रित कर इस कार्य को संपन्न कराया जाएगा।
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मान्यता के अनुसार बाबा विश्वनाथ के मंदिर की स्थापना कार्तिक माह की शुक्ल चतुदर्शी तिथि जिसे बैकुंठ चतुर्दशी भी कहते हैं को हुई थी। मंदिर में इस दिन को स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस बार बैकुंठ चतुर्दशी 21 नवंबर को पड़ रही है।
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इस दिन पहले 51 ब्राह्मणों द्वारा रुद्राभिषेक कर बाबा का शृंगार किया जाता था मगर इस बार 151 ब्राह्मण रुद्राभिषेक करेंगे। विद्वानों को भी अतिथि के रूप में बुलाया जाएगा। मंदिर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि स्थापना दिवस को इस बार विशेष रूप से मनाया जाएगा।
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इसके लिए पर्याप्त प्रचार प्रसार कर भक्तों को जोड़ा जाएगा। साथ ही 151 ब्राह्मणों के चयन के लिए गूगल के सहारे प्रकांड विद्वानों को खोज कर उस दिन विशेषतौर पर आमंत्रित कर इस कार्य को संपन्न कराया जाएगा।
अन्नकूट पर भक्तों को निशुल्क छप्पन भोग का प्रसाद
प्रसाद
इस बार अन्नकूट पर बाबा के भक्तों को निशुल्क छप्पन भोग का प्रसाद दिया जाएगा। यह निर्णय मंदिर प्रशासन ने लिया है। पहले यह सुविधा डेढ़ सौ रुपए खर्च करने के बाद भक्तों को मिलती थी, लकिन इस बार यह व्यवस्था निशुल्क रहेगी। दीपावली के बाद होने वाली अन्नकूट पूजा पर मां अन्नपूर्णा के दर्शन व बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद लेने के लिए लाखों श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगती है।
इस दौरान जहां मां अन्नपूर्णा में प्रसाद मिलता है वहीं अन्नकूट पर बाबा को चढ़ाया गया 56 भोग भी प्रसाद के रूप में दिया जाता है, लेकिन इस प्रसाद के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से डेढ़ सौ रुपए की रसीद कटानी पड़ती है। इस बार मंदिर प्रशासन ने इस विशेष प्रसाद को निशुल्क बांटने का निर्णय लिया है।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के कार्यपालन अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि भगवान के प्रसाद पर भक्तों का हक है। साल भर में एक दिन का प्रसाद तो भक्तों के लिए आशीर्वाद स्वरूप दिया जा सकता है। इसलिए विशेष दिन पर इस बार यह पूरी व्यवस्था निशुल्क रखी जाएगी।
इस दौरान जहां मां अन्नपूर्णा में प्रसाद मिलता है वहीं अन्नकूट पर बाबा को चढ़ाया गया 56 भोग भी प्रसाद के रूप में दिया जाता है, लेकिन इस प्रसाद के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से डेढ़ सौ रुपए की रसीद कटानी पड़ती है। इस बार मंदिर प्रशासन ने इस विशेष प्रसाद को निशुल्क बांटने का निर्णय लिया है।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के कार्यपालन अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि भगवान के प्रसाद पर भक्तों का हक है। साल भर में एक दिन का प्रसाद तो भक्तों के लिए आशीर्वाद स्वरूप दिया जा सकता है। इसलिए विशेष दिन पर इस बार यह पूरी व्यवस्था निशुल्क रखी जाएगी।