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काशी विश्वनाथ : रोज बिक रहा 500 किलो तंदुल महाप्रसाद, जल्द बढ़ेंगे काउंटर; मंदिर के प्रसाद की बढ़ी डिमांड

Thu, 24 Oct 2024 08:36 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Thu, 24 Oct 2024 08:36 AM IST
सार

Kashi Vishwanath Temple : मंदिर का तंदुल महाप्रसादम की डिमांड बढ़ गई है। बेलपत्र, चावल, देशी घी सहित अन्य मेवों से बने इस प्रसाद का स्वाद भी काफी अच्छा है। बाबा का महाप्रसादम देशभर के भक्तों के लिए जल्द ही सुलभ होगा। मंदिर प्रबंधन इसकी तैयारी कर रहा है।

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Kashi Vishwanath rice mahaprasad sold every day counters increase demand increased rapidly
तंदुल, अक्षत या चावल का प्रसाद शिव जी को अर्पित करना सर्वोत्तम है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का तंदुल महाप्रसादम श्रद्धालुओं को पसंद आ रहा है। इसकी शुरुआत दस दिन पहले ही हुई है और रोज 500 किलो महाप्रसादम मंदिर से बिक रहा है। बेलपत्र के चूर्ण, चावल के आटे, देशी घी और मेवों से तैयार होने वाले प्रसाद की बिक्री को बढ़ाने के लिए जल्द ही काउंटर बढ़ाए जाएंगे।

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बाबा विश्वनाथ का तंदुल महाप्रसादम जल्द ही देश भर के श्रद्धालुओं के लिए सुलभ होगा। इसकी मंदिर क्षेत्र में इसके काउंटर बढ़ाने की योजना है। दीपावली के बाद महाप्रसादम को डाकखाने और हेल्पडेस्क के जरिये भी उपलब्ध कराया जाएगा। मंदिर के एसडीएम शंभू शरण ने बताया कि दशहरा से इसकी बिक्री शुरू हुई थी और पहले दिन से ही हर दिन करीब 300 से 350 किलो प्रसाद की खपत हो रही थी। लेकिन, अब इसकी बिक्री 500 किलो तक पहुंच गई है। 
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जल्द ही मंदिर में काउंटर की संख्या बढ़ाई जाएगी। आने वाले समय में धाम के अलावा डाकखाने और हेल्प डेस्क के जरिये प्रसाद बाहर भेजने की सुविधा भी शुरू हो जाएगी।

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स्नान और पूजन के बाद प्रसाद तैयार करते हैं कारीगर
मंदिर का महाप्रसादम तैयार करने वाले कारीगर स्नान और पूजन के बाद ही प्रसाद तैयार करने के लिए जाते हैं। प्रसाद में बाबा विश्वनाथ पर चढ़ाए गए बेलपत्र, चावल के आटे, ड्राई फ्रूट्स और शुद्ध घी से बनास डेयरी में तैयार किया जा रहा है। प्रसाद के लिए इस्तेमाल होने वाले चावल की खेती अमूल डेयरी खुद करता है और इसमें प्रयोग होने वाला घी भी यूपी के किसानों से लिया जा रहा है।

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