Kashi Vishwanath: सावन के सोमवार को स्पर्श दर्शन पर रोक, श्रद्धालुओं के लिए रेड कार्पेट, पढ़ें- क्या बदलाव हुए
सावन मास में काशी विश्वनाथ धाम की व्यवस्थाओं और तैयारियों को लेकर हुई बैठक में गोदौलिया से मैदागिन मार्ग को नो व्हीकल जोन बनाने का निर्णय लिया गया। बुजुर्ग, महिलाओं और दिव्यांगों को धाम तक पहुंचाने के लिए 10 ई रिक्शे लगाए जा रहे हैं। गोदौलिया, गिरिजाघर, दशाश्वमेध, चौक और मैदागिन पर पार्किंग की व्यवस्था होगी।
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सावन के सोमवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती के टिकट ही मिलेंगे। इस बार सावन में आठ सोमवार पड़ रहे हैं। सुगम दर्शन पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इसके टिकट भी नहीं मिलेंगे। यह निर्णय मंगलवार को काशी विश्वनाथ धाम परिसर में पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन और मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। इस बार सावन में दो करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।
अधिमास के चलते 60 दिन चलने वाले सावन मास में काशी आने वाले वीआईपी व्यक्तियों को भी दोपहर तीन से पांच बजे तक दर्शन की सुविधा दी जाएगी। इसलिए प्रशासन संभावित वीआईपी को पत्र लिखेगा और निर्धारित अवधि में ही दर्शन पूजन के लिए आमंत्रित करेगा।
सावन मास में काशी विश्वनाथ धाम की व्यवस्थाओं और तैयारियों को लेकर हुई बैठक में गोदौलिया से मैदागिन मार्ग को नो व्हीकल जोन बनाने का निर्णय लिया गया। बुजुर्ग, महिलाओं और दिव्यांगों को धाम तक पहुंचाने के लिए 10 ई रिक्शे लगाए जा रहे हैं। गोदौलिया, गिरिजाघर, दशाश्वमेध, चौक और मैदागिन पर पार्किंग की व्यवस्था होगी। सभी प्रवेश द्वार पर लाउडस्पीकर के जरिये भीड़ नियंत्रित की जाएगी। पिनाक भवन में बने कंट्रोल रूम से हर गतिविधि की निगरानी की जाएगी। श्रद्धालुओं की सहूलियत का ख्याल रखा जाएगा। सभी प्रवेश और निकास द्वार पर खोया-पाया का काउंटर बनेगा। इसके लिए लगातार सूचना प्रसारित की जाएगी। बैठक में जिलाधिकारी एस राजलिंगम, डीसीपी काशी आरएस गौतम, काशी विश्वनाथ मंदिर के एसडीएम शंभू शरण, सीआईएसएफ के अधिकारी सहित अन्य लोग मौजूद थे।
श्रद्धालुओं के लिए रेड कार्पेट
मंदिर तक पहुंचने के सभी मार्गों पर सुव्यवस्थित बैरिकेडिंग कराई जाएगी। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि श्रद्धालुओं को चोट न लगे। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सभी प्रवेश द्वार से मंदिर तक रेड कार्पेट बिछाया जाएगा और उन पर पुष्पवर्षा भी की जाएगी।
मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने बताया कि इस बार सावन मास में दो करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के धाम में आने का अनुमान है। धाम परिसर में हवा, पेयजल, छांव आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है।- कौशल राज शर्मा, मंडलायुक्त
गंगा द्वार पर रहेगी विशेष व्यवस्था
धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा द्वार से आने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए दशाश्वमेध घाट से मंदिर घाट को जोड़ने वाले मार्ग को दुरुस्त कराया जा रहा है। नाव से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी वहां चढ़ने और उतरने की व्यवस्था कराई जा रही है।
स्पर्श दर्शन पर रहेगी रोक, बाबा देंगे झांकी दर्शन
सावन में काशीपुराधिपति के स्पर्श दर्शन पर पूरी तरह रोक रहेगी। श्रद्धालुओं को बाबा झांकी दर्शन देंगे और बाहर लगे पात्र से उनका अभिषेक किया जा सकेगा। पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा कि वे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से मधुर व्यवहार करें।
पाॅलिथीन मुक्त होगा धाम परिसर
धाम परिसर को पाॅलिथीन मुक्त रखा जाएगा। मंदिर से निकलने वाले निर्माल्य को यूरिया की बोरियों में भरकर रखा जाएगा और रात में उसे बाहर किया जाएगा। प्रकाश आदि की व्यवस्था ठीक कराई जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से धाम परिसर में 40 सीसी कैमरे और लगाए जा रहे हैं। वर्तमान में करीब 250 कैमरे लगाए गए हैं। पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाया जा रहा है।
कमेटी से मंदिर प्रशासन ने मांगा सहयोग
मंदिर प्रशासन ने ज्ञानवापी परिसर से सटे इलाके में व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सहयोग मांगा है। मंडलायुक्तकौशल राज शर्मा ने बताया कि गेट नंबर चार की ओर कुछ कच्चा क्षेत्र है। इससे कई बार श्रद्धालुओं को असुविधा होती है। ऐसे में मस्जिद कमेटी को पत्र लिखकर इसे ठीक कराने या हमें ठीक करने में सहयोग के लिए कहा गया है। वीआईपी के लिए गेट नंबर चार पर ही दो गेस्ट हाउस भी तैयार कराया गया है।