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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Kashi Vishwanath Dham: The message of nationalism will resonate with religion from Baba's Dham, after Mother Ganga, the philosophy of Mother India

काशी विश्वनाथ: बाबा के धाम से धर्म के साथ ही गूंजेगा राष्ट्रवाद का संदेश, मां गंगा के बाद भारत माता के दर्शन

Tue, 14 Dec 2021 07:42 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो/आलोक कुमार त्रिपाठी
अमर उजाला ब्यूरो/आलोक कुमार त्रिपाठी Published by: अनुराग सक्सेना Updated Tue, 14 Dec 2021 07:42 AM IST
सार

श्रद्धालु मां गंगा की गोद में स्नान करने के बाद गंगाजल लेकर जैसे ही धाम की सीढ़ियों से प्रवेश करेंगे, मां भारती की प्रतिमा राष्ट्रप्रेम का भाव जगाएगी। मां भारती को नमन करते हुए महारानी अहिल्याबाई को कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए शिवभक्त मंदिरों की मणिमाला के दर्शन करते हुए बाबा के धाम में प्रवेश करेंगे।

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Kashi Vishwanath Dham: The message of nationalism will resonate with religion from Baba's Dham, after Mother Ganga, the philosophy of Mother India
काशी विश्वनाथ धाम। - फोटो : twitter @BJP

विस्तार

बाबा विश्वनाथ का दिव्य, भव्य और नव्य धाम धर्म के साथ ही देश को राष्ट्रवाद का संदेश भी देगा। काशीपुराधिपति के दरबार में आने वाले शिवभक्तों को जहां धर्म व अध्यात्म की कृपा मिलेगी, वहीं राष्ट्रभक्ति से सराबोर भावों का संगम भी होगा। पुरातन संस्कृति को केंद्र में रखकर राष्ट्रवाद की नींव पर काशी विश्वनाथ धाम की आधारशिला रखी गई है।

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देवाधिदेव महादेव का नूतन धाम श्रद्धालुओं के लिए हर मायने में बेहद खास होगा। पीएम नरेंद्र मोदी की कल्पना के अनुसार सनातन धर्म की छत्रछाया में विकसित राष्ट्रवाद की संकल्पना बाबा के धाम में चरितार्थ हो चुकी है। ललिता घाट से गेट वे आफ कॉरिडोर से धाम में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं को प्राचीनता के साथ नवीनता को समेटे राष्ट्रवाद को समर्पित बाबा के धाम के दर्शन होंगे।

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श्रद्धालु मां गंगा की गोद में स्नान करने के बाद गंगाजल लेकर जैसे ही धाम की सीढ़ियों से प्रवेश करेंगे, मां भारती की प्रतिमा राष्ट्रप्रेम का भाव जगाएगी। मां भारती को नमन करते हुए महारानी अहिल्याबाई को कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए शिवभक्त मंदिरों की मणिमाला के दर्शन करते हुए बाबा के धाम में प्रवेश करेंगे। भारत माता की प्रतिमा के अलावा सनातन धर्म को पुनर्स्थापित करने वाले आदि शंकराचार्य की प्रतिमा भी धर्म ध्वजा के संवाहकों को प्रेरित करेगी।

भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र कार्तिकेय की प्रतिमा को भी कॉरिडोर में स्थान दिया गया है। बाबा के धाम में सिटी म्यूजियम, बनारस गैलरी, मुमुक्षु भवन, वैदिक केंद्र, अन्नक्षेत्र सहित आभासी म्यूजियम काशी की धरोहर और संस्कृति के अनुसार ही तैयार किए गए हैं।

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