काशी विश्वनाथ धाम: 16 से श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएगा गेटवे ऑफ कॉरिडोर, गंगा द्वार से गंगाधर के दरबार पहुंचेंगे श्रद्धालु
बाबा दरबार से गंगधार को एकाकार कर रहे श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के गंगा छोर पर बन रहा द्वार गेटवे ऑफ कॉरिडोर बनकर तैयार हो चुका है। महाशिवरात्रि से पहले 16 फरवरी से इसे
श्रद्धालुओं और सैलानियों के लिए खोल दिया जाएगा।
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शिव भक्तों के लिए गंगधार से गंगाधर के दरबार तक की राह सुगम होगी। माघ पूर्णिमा से श्रद्धालु अब श्री काशी विश्वनाथ धाम में गंगा द्वार से प्रवेश कर सकेंगे। मंदिर प्रशासन और कार्यदायी संस्था ने गेटवे ऑफ कॉरिडोर को 16 फरवरी से खोलने की तैयारियां तेज कर दी है।
इसके साथ ही गंगा की धारा से बाबा के दरबार का सीधा रास्ता भी खुल जाएगा। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने मंदिर प्रशासन और कार्यदायी संस्था को धाम के गेट वे आफ कॉरिडोर को चालू करने के निर्देश दिए हैं।
श्रद्धालु जलासेन घाट पर बनी सीढ़ियों के जरिये धाम में प्रवेश कर सकेंगे। मंदिर चौक से होते हुए सरस्वती फाटक पर सुरक्षा जांच के बाद श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति होगी। मंडलायुक्त ने बताया कि गंगा के किनारे जेटी निर्माण का काम पूरा हो चुका है और प्रवेश द्वार व सीढ़ियां तैयार हैं। रैंप बिल्डिंग का काम अभी बाकी है और इसे जल्द पूर्ण कर लिया जाएगा।
गंगा तट से मंदिर चौक तक अभी केवल आने जाने के लिए ही खोला जाएगा। श्रद्धालु आसपास के भवनों में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। घाट से मंदिर चौक तक श्रद्धालु अपना सामान, मोबाइल व कैमरा ले जा सकेंगे। मोबाइल व कैमरा रखने के लिए गंगा द्वार से चौक तक अलग-अलग जगहों पर इंतजाम किया जाएगा।
मंदिर चौक से भक्त सरस्वती फाटक पर जांच कराने के बाद मंदिर में प्रवेश करेंगे और दर्शन के बाद मंदिर परिसर के पूर्वी गेट से बाहर निकलेंगे। चुनार के गुलाबी पत्थरों की आभा से दमक रहे बाबा के धाम में प्रवेश के लिए तैयार गंगा द्वार घाट पर अब नए आकर्षण का केंद्र बन चुका है। गुलाबी पत्थरों पर नक्काशी कर इसे पूरी भव्यता से आकार दिया गया है। धाम के लोकार्पण के समय ही ढांचा तैयार हो गया था, जो अब जाकर पूर्ण हो सका है।
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मंदिर चौक तक ले जा सकेंगे मोबाइल और कैमरा
गंगा से मंदिर चौक तक पहुंचने के लिए अभी केवल आने-जाने का कार्य शुरू किया जाएगा। आसपास के अन्य सभी भवनों में अभी प्रवेश नहीं होगा। घाट से मंदिर चौक तक श्रद्धालु अपने सामान, मोबाइल और कैमरा आदि ले जा सकेंगे। मोबाइल, कैमरा आदि सामान रखने के लिए गंगा द्वार से चौक तक अलग-अलग स्थानों पर व्यवस्था की जाएगी।
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गर्भगृह तक पहुंचेगा गंगाजल
गंगा घाट से श्री काशी विश्वनाथ के गर्भगृह तक गंगाजल पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछा दी गई हैं। जलस्तर सामान्य होने के बाद पंप भी लगा दिया जाएगा। इसके साथ ही अंडरग्राउंड सीवेज पंपिंग स्टेशन में भी डेढ़ से दो माह का समय लग जाएगा।
महाशिवरात्रि पर बाबा धाम तक नाव चलाने की योजना
गंगा में चल रहे नावों का संचालन नगर निगम की देखरेख में किया जाएगा। इस बार महाशिवरात्रि एक मार्च को है। इस दिन तीन जगहों खिड़किया घाट, दशाश्वमेध और अस्सी से मोटरबोट चलाई जाएंगी। जो विश्वनाथ धाम के द्वार ललिता घाट पर जाकर रुकेगी और भक्तों को उतारेगी।
नगर निगम रूपरेखा तैयार कर रहा है। कमिश्नर दीपक अग्रवाल के निर्देश पर नगर आयुक्त प्रणय सिंह ने मातहतों को निर्देश दिया है। जिसके बाद काम शुरू हो गया है। इस सुविधा के बाद भी भक्तों को गंगा के रास्ते से बाबा के दर्शन की सुविधा में आसानी होगी।