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योजना: काशी की गाथा सुनाएगा विश्वनाथ धाम, संगमरमर की दीवारों पर उकेरी जाएगी बाबा की कथा

Sat, 31 Jul 2021 08:48 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sat, 31 Jul 2021 08:48 PM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट श्री काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता को साकार किया जा रहा है। कॉरिडोर में आने वाले श्रद्धालु अब बाबा विश्वनाथ का दर्शन के साथ ही उनकी महिमा को भी जान सकेंगे।

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kashi Vishwanath corridor will tell story Kashi and history of temple  engraved on marble walls of dham pictorial panel
विश्वनाथ धाम में दीवारें बताएंगी काशी की कहानी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्री काशी विश्वनाथ धाम की दीवारें यहां आने वाले श्रद्धालुओं को काशी की कहानी बताएंगी। पिक्टोरियल पैनल के जरिए ऐसा संभव होगा। आध्यात्मिक पिक्टोरियल को तैयार कराने की जिम्मेदारी काशी विद्वत परिषद को सौंपी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट श्री काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता को साकार किया जा रहा है।

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कॉरिडोर में आने वाले श्रद्धालु अब बाबा विश्वनाथ का दर्शन के साथ ही उनकी महिमा को भी जानेंगे। उपनिषद, वेद और पुराणों के आधार पर मिली काशी के महात्म्य की जानकारी का चित्रात्मक वर्णन, श्लोक संख्या, हिंदी अनुवाद समेत सभी जानकारियां संगमरमर की दीवारों पर उकेरी जाएंगी।
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काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि प्रामाणिक तरीके से बाबा के प्रांगण में आने वाले भक्त भगवान शंकर की महिमा के बारे में जान सकेंगे। इसके लिए करीब 9 गुणे 3.6 फीट के करीब लगभग 35 पिक्टोरियल पैनल लगेंगे। काशी में भगवान शंकर के आगमन से लेकर काशीवास की संपूर्ण कथाओं को सिलसिलेवार बताया जाएगा। 

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काशी में ही वेद व्यास द्वारा चारों वेदों का प्रथम उपदेश दिया गया था। इसके अलावा 56 विनायक, सप्तदा मोक्षदायिका नगरी (काशी, मथुरा, उज्जैन, द्वारका, कांची, अयोध्या, हरिद्वार)। द्वादश आदित्य, पांचो तीर्थ, मणिकर्णिका तीर्थ की स्थापना, ढुंढिराज राज गणेश द्वारा प्रथम शिव स्तुति, भगवान शिव के आदेश पर आए अष्ट भैरव की स्थापना, भगवान शंकर का 64 योगिनियों का काशी में भेजना, बाबा विश्वनाथ के त्रिशूल पर टिकी काशी, भोलेनाथ द्वारा अष्ट मातृकाओं की स्थापना, महाकवि कालिदास द्वारा शिव स्तुति आदि का वर्णन होगा। ये सभी जानकारियां तस्वीर, श्लोक, हिंदी अनुवाद में उकेरी जाएंगी। इसके अलावा किस ग्रंथ, उपनिषद, वेदों और पुराणों में इसका उल्लेख है। 

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