{"_id":"5bf9a087bdec2241ba2c69e1","slug":"kashi-vishwanath-corridor-map-will-change-after-cm-yogi-suggestion","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सीएम योगी के सुझाव के बाद काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के नक्शे में होगा बदलाव ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम योगी के सुझाव के बाद काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के नक्शे में होगा बदलाव
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 25 Nov 2018 10:27 AM IST
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मणिकर्णिका घाट से बाबा विश्वनाथ मंदिर तक बनने वाले काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के नक्शे में कुछ आंशिक संशोधन किए जाएंगे। यह संशोधन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर होंगे।
इसमें श्रद्धालुओं के लिए और सुविधाओं को बढ़ाने पर काम किया जाएगा। सीएम के निर्देश के बाद कंसलटेंट कंपनी ने अपना काम शुरू कर दिया है। 25 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बन रहे मंदिर कॉरिडोर को 4 फेज में निर्माण कार्य कराए जाने हैं।
इस मंदिर कॉरिडोर के निर्माण को लेकर कंपनी की ओर से नक्शा तैयार किया गया था, जिसका प्रेजेंटेशन मुख्यमंत्री के समक्ष शक्रवार की देर शाम मंदिर कार्यालय में किया गया। जब मुख्यमंत्री ने इसकी विस्तृत जानकारी ली तो मंदिर से घाट तक जाने वाले रास्ता काफी संकरा दिखा।
विज्ञापन
इस पर उन्होंने इस मार्ग के चौड़ाई को बढ़ाने को कहा। उन्होंने कहा कि इस चौड़ाई को और बढ़ाया जाए ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु गंगा स्नान कर मंदिर में सीधे प्रवेश कर सकें। यही नहीं उन्होंने कई और निर्देश देते हुए श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधा की बात कही।
विज्ञापन
इसमें श्रद्धालुओं के लिए और सुविधाओं को बढ़ाने पर काम किया जाएगा। सीएम के निर्देश के बाद कंसलटेंट कंपनी ने अपना काम शुरू कर दिया है। 25 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बन रहे मंदिर कॉरिडोर को 4 फेज में निर्माण कार्य कराए जाने हैं।
विज्ञापन
इस मंदिर कॉरिडोर के निर्माण को लेकर कंपनी की ओर से नक्शा तैयार किया गया था, जिसका प्रेजेंटेशन मुख्यमंत्री के समक्ष शक्रवार की देर शाम मंदिर कार्यालय में किया गया। जब मुख्यमंत्री ने इसकी विस्तृत जानकारी ली तो मंदिर से घाट तक जाने वाले रास्ता काफी संकरा दिखा।
विज्ञापन
इस पर उन्होंने इस मार्ग के चौड़ाई को बढ़ाने को कहा। उन्होंने कहा कि इस चौड़ाई को और बढ़ाया जाए ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु गंगा स्नान कर मंदिर में सीधे प्रवेश कर सकें। यही नहीं उन्होंने कई और निर्देश देते हुए श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधा की बात कही।
संशोधन के बाद टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी
उन्होंने कहा कि अगर बड़े आयोजनों जैसे कि सावन मास और शिवरात्रि पर एक से सवा लाख श्रद्घालु एक दिन में आते हैं तो इस कॉरिडोर में अधिक से अधिक लोगों के मंदिर परिसर में रहने की व्यवस्था होनी चाहिए। इसलिए डेढ़ लाख से अधिक लोगों के एक साथ रहने की व्यवस्था होनी चाहिए। यही नहीं उन्होंने परिसर के अंदर ही श्रद्धालुओं के सभी व्यवस्थाएं करने का निर्देश भी दिया।
विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कॉरिडोर के नक्शे में कुछ आंशिक संशोधन किए जा रहे हैं। इस संशोधन के बाद ही अब आगे टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कॉरिडोर के नक्शे में कुछ आंशिक संशोधन किए जा रहे हैं। इस संशोधन के बाद ही अब आगे टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।