काशी विश्वनाथ धाम का दोगुना हुआ दायरा, मुख्यमंत्री योगी ने देखी कॉरिडोर की डीपीआर
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काशी विश्वनाथ धाम में प्रतिदिन कुछ न कुछ व्यवस्थाएं और सुविधाओं का खाका बढ़ता जा रहा है। इसके चलते अब विश्वनाथ धाम का दायरा दोगुना बढ़कर 50 हजार वर्ग मीटर तक पहुंच गया है। इससे अब विशिष्ट क्षेत्र परिषद का कार्यालय, पार्किंग तक की व्यवस्थाएं बढ़ जाएगी। जिसका लाभ श्रद्धालुओं को मिलेगा। धाम को लेकर तैयार किए गए डीपीआर को मुख्यमंत्री ने गुरुवार को देखा जल्द ही कैबिनेट में इस डीपीआर को रखा जाएगा।
काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर मणिकर्णिकाघाट और वहां से मीरघाट होते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर तक बनने वाले विश्वनाथ कॉरिडोर का दायरा शुरू में 25 हजार वर्ग मीटर था, लेकिन बाद में कुछ भवनों को खरीदने के चलते यह कॉरिडोर 40 हजार तक पहुंच गया था, लेकिन बाद में चल रहे भवनों की खरीद में इसका दायरा अब बढ़कर दोगुना हो गया है।
इससे मंदिर का क्षेत्रफल बढ़कर 50 हजार वर्ग मीटर तक पहुंच गया है। इसलिए इसमें कई नई व्यवस्थाएं जुड़ जाएंगी। जिसका लाभ श्रद्धालुओं को मिलेगा। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने कहा कि प्रोजेक्ट पर रिव्यू हुआ। तीन सदस्यीय कमेटी के सामने प्रोजेक्ट गया है। वहां से एप्रूवल के बाद फाइनेंस में जाएगा। इसके अलावा मंदिर के लिए खरीदे गए भवनों और आ रही दिक्कतों पर चर्चा हुई है।
जल्द कैबिनेट में रखा जाएगा डीपीआर
काशी विश्वनाथ धाम के लिए तैयार संशोधित डीपीआर को कमिश्नर दीपक अग्रवाल और मंदिर के सीईओ विशाल सिंह ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिखाया। पूर्व में दिए गए निर्देश के अनुसार संशोधन पर चर्चा की। डीपीआर जल्द कैबिनेट में रखा जाएगा। इस संशोधित डीपीआर में सुझाव के बाद कई नई सुविधाएं भी शामिल की गई है, जिनको लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से चर्चा की है।