काशी विश्वनाथ कॉरिडोर: श्रद्धालुओं की लगी कतार, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा धाम
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काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के अगले दिन बाबा दरबार में दर्शन, पूजन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। केवल वाराणसी ही नहीं बल्कि पूर्वांचल के कई जिलों से सुबह ही भक्त बाबा के भक्त दर्शन करने पहुंचे। हाथ में फूल, माला, प्रसाद लिए श्रद्धालु हर हर महादेव के जयघोष करते रहे। इसके बाद दर्शन पूजन कर बाबा का आशीर्वाद लेकर सुख समृद्धि की कामना की।
मैदागिन से गोदौलिया वाले मार्ग पर गेट नंबर चार के पास सड़क पर महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चों में बाबा के दर्शन को लेकर गजब का उत्साह दिख रहा था। हर कोई नंगे पाव खड़े होकर बारी का इंतजार करता रहा। दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इसके लिए बाहर सुरक्षाकर्मी लोगों की मदद में लगे रहे। गेट पर खडे़ पुलिस, पीएसी के जवान लोगों की तलाशी लेने के बाद ही उन्हें अंदर जाने दे रहे थे। सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी होती रही। देर रात तक दर्शन पूजन करने के लिए श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा।
चार गेटों से प्रवेश, लाइन से मिलेगा छुटकारा
काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद अब लोगों को कई सुविधाएं मिलने लगेंगी। लोग पहले की अपेक्षा अब बहुत ज्यादा सुगम दर्शन कर सकेंगे। लोगों की सुविधा को ध्यान में रख चार गेट बनवाए गए हैं। विशेषकर गंगा स्नान करने के बाद मणिकर्णिका घाट और ललिता घाट के पास बने रास्ते से लोग सीधे घाट से ही धाम में प्रवेश कर सकेंगे। बाहर किसी तरह की लाइन अब श्रद्धालुओं की नहीं दिखेगी। मंदिर परिसर में जगह-जगह घेरा लगाया जाएगा। ताकि लोग इसमें खड़े होकर सही तरीके से दर्शन कर सकें।
लगेंगे चार हजार लॉकर, निशुल्क रख सकेंगे सामान
धाम में दर्शन, पूजन के लिए आने वालों के सामानों की सुरक्षा के लिए चार हजार लॉकर लगाए जा रहे हैं। लॉकर मंदिर परिसर में आ गए हैं। इसे यात्री सुविधा केंद्र में लगाया जाएगा। सेंसर युक्त लॉकर लगने के बाद श्रद्धालु पेन, मोबाइल या किसी प्रकार का इलेक्ट्रानिक डिवाइस निशुल्क रख सकेंगे।
सांस्कृतिक केंद्र में होगी भजन संध्या
मंदिर परिसर में दो सांस्कृतिक केंद्र भी बनाए गए हैं। दो मंजिला इमारत में 600 लोगों के बैठने की सुविधा है। धाम के लोकार्पण के बाद यहां धार्मिक आयोजन कराए जा सकेंगे। समय-समय पर पर भजन संध्या भी होगी। बहुत सारे आयोजन जो घाट पर होते थे, वह अब इस केंद्र में कराए जा सकेंगे।
इन सुविधाओं का भी मिलेगा लाभ
योग और ध्यान केंद्र के रूप में वैदिक केंद्र भी बनवाया गया है।
जलासेन घाट, मणिकर्णिका और ललिता घाट से सीधे बाबा धाम में प्रवेश कर सकेंगे।
अध्यात्म बुक सेंटर धार्मिक पुस्तकों का नया केंद्र होगा।
आपातकालीन चिकित्सा सुविधा से लेकर एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी।
ओडीओपी शॉप, हस्तशिल्प के सामान की दुकान और फूड कोर्ट भी बनाए गए हैं।
काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद यहां अंदर जो भी टेंट आदि सामान लगवाए गए थे। उन्हें हटवाया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ख्याल रखा गया है। पहले से अधिक सुगम दर्शन लोग कर सकेंगे। चारों गेट से श्रद्धालु बाबा दरबार में प्रवेश कर सकेंगे।
- सुनील कुमार वर्मा, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, काशी विश्वनाथ मंदिर