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सात अक्तूबर से शुरू होगा काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण कार्य
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 23 Sep 2018 09:48 AM IST
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श्रीकाशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण कार्य सात अक्तूबर से शुरू हो जाएगा। इससे पहले पांच अक्तूबर तक कॉरिडोर का नक्शा फाइनल हो जाएगा। काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर 500 मीटर लंबे और 60 मीटर चौड़े क्षेत्र में 650 करोड़ रुपये से बनने वाले विश्वनाथ कॉरिडोर निर्माण का शुरू करने के लिए मंदिर परिक्षेत्र में लगातार काम किया जा रहा है।
कॉरिडोर की डिजाइन तैयार करने के लिए हुई बिड में चार आर्किटेक्ट ने भाग लिया था। चारों कंपनियों को 27 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट देनी है। इसके बाद चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पांच अक्तूबर तक नक्शा तैयार कर प्रजेंटेशन के बाद नक्शा फाइनल कर दिया जाएगा। इससे पहले परिक्षेत्र में आने वाली प्रस्तावित जमीन, मकानों और दुकानों को कॉरिडोर में शामिल कर लिया जाएगा।
मंदिर प्रशासन का दावा है कि कुल 25 हजार वर्ग मीटर में बनने वाले इस कॉरिडोर में अब तक 14 हजार वर्ग मीटर जमीन को कब्जे में ले लिया गया है। अब तक 65 फीसदी जमीन का बैनामा हो चुका है। अब बहुत कम खरीदारी करनी है। इनमें मंदिर और सार्वजनिक स्थान हैं, जिनके लिए अधिक मेहनत करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
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कॉरिडोर में कुल 43 प्राचीन मंदिर चिह्नित किए गए हैं। इन्हें संवारने और उनका जीर्णोद्धार करने के साथ ही कॉरिडोर में मंदिरों के इतिहास भी लिखे जाएंगे। कॉरिडोर को आनंद कानन के नाम से जाना जाएगा।
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कॉरिडोर की डिजाइन तैयार करने के लिए हुई बिड में चार आर्किटेक्ट ने भाग लिया था। चारों कंपनियों को 27 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट देनी है। इसके बाद चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पांच अक्तूबर तक नक्शा तैयार कर प्रजेंटेशन के बाद नक्शा फाइनल कर दिया जाएगा। इससे पहले परिक्षेत्र में आने वाली प्रस्तावित जमीन, मकानों और दुकानों को कॉरिडोर में शामिल कर लिया जाएगा।
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मंदिर प्रशासन का दावा है कि कुल 25 हजार वर्ग मीटर में बनने वाले इस कॉरिडोर में अब तक 14 हजार वर्ग मीटर जमीन को कब्जे में ले लिया गया है। अब तक 65 फीसदी जमीन का बैनामा हो चुका है। अब बहुत कम खरीदारी करनी है। इनमें मंदिर और सार्वजनिक स्थान हैं, जिनके लिए अधिक मेहनत करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
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कॉरिडोर में कुल 43 प्राचीन मंदिर चिह्नित किए गए हैं। इन्हें संवारने और उनका जीर्णोद्धार करने के साथ ही कॉरिडोर में मंदिरों के इतिहास भी लिखे जाएंगे। कॉरिडोर को आनंद कानन के नाम से जाना जाएगा।
17 ने खाली किया घर, तीन ने किया बैनामा
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श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर योजना में शुक्रवार को मंदिर प्रशासन को कुल 17 लोगों ने अपने घर खाली करके चाबी सौंपी, वहीं कुल तीन लोगों ने अपने घरों का बैनामा कर दिया। देर शाम पहुंचे कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने सभी को धनराशि का चेक सौंपकर उनसे चाबी ले ली।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में कॉरीडोर निर्माण को लेकर तैयारियां तेज हो गई है। इसके लिए अधिकारी दिन रात एक करके भवनों, दुकानों को खरीदने में लगे हुए हैं। इस विकास क्षेत्र में प्रतिदिन क्षेत्र में आने वाले लोगों से संपर्क करके उनसे आपसी सहमति के आधार पर उनके दुकानों, प्रतिष्ठानों के अलावा जिनके भवन हैं उनसे खरीदने का काम किया जा रहा है।
शुक्रवार को भी मंदिर प्रशासन के अधिकारियों को उस समय बड़ी सफलता मिल गई, जब 17 लोग आपसी सहमति के आधार पर अपने घरों की चाबी कमिश्नर को सौंप दी। वहीं मंदिर कार्यालय में आकर तीन लोगों ने भवनों की रजिस्ट्री कराई।
मंदिर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि 17 ने अपने घर की चाबियां और तीन ने अपनी जमीन रजिस्ट्री की है। वहीं रजिस्ट्री कराए गए भवनों को लगातार तोड़ने का काम किया जा रहा है। इससे दो प्रवेश द्वार बंद किए गए हैं।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में कॉरीडोर निर्माण को लेकर तैयारियां तेज हो गई है। इसके लिए अधिकारी दिन रात एक करके भवनों, दुकानों को खरीदने में लगे हुए हैं। इस विकास क्षेत्र में प्रतिदिन क्षेत्र में आने वाले लोगों से संपर्क करके उनसे आपसी सहमति के आधार पर उनके दुकानों, प्रतिष्ठानों के अलावा जिनके भवन हैं उनसे खरीदने का काम किया जा रहा है।
शुक्रवार को भी मंदिर प्रशासन के अधिकारियों को उस समय बड़ी सफलता मिल गई, जब 17 लोग आपसी सहमति के आधार पर अपने घरों की चाबी कमिश्नर को सौंप दी। वहीं मंदिर कार्यालय में आकर तीन लोगों ने भवनों की रजिस्ट्री कराई।
मंदिर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि 17 ने अपने घर की चाबियां और तीन ने अपनी जमीन रजिस्ट्री की है। वहीं रजिस्ट्री कराए गए भवनों को लगातार तोड़ने का काम किया जा रहा है। इससे दो प्रवेश द्वार बंद किए गए हैं।