काशी विश्वनाथ कॉरिडोर: पीएम के धाम में प्रवेश करते ही मंत्रोच्चार से गूंजेगा बनारस, घाट से गर्भगृह तक संत करेंगे रुद्री पाठ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिंसबर को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का लोकार्पण करने वाराणसी आ रहे हैं। पीएम मोदी हाथ में गंगाजल लेकर गर्भगृह पहुंचेंगे, जिसके साथ ही शहर के सभी मठ मंदिरों में संत रुद्री पाठ शुरू कर देंगे। एक हजार से ज्यादा स्थानों पर एलईडी स्क्रीन से जिले भर में सीधा प्रसारण किया जाएगा।
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देवाधिदेव महादेव का भव्य दरबार भक्तों को समर्पित होने से पहले पूरी काशी मंत्रोच्चार और शंखनाद से गूंज उठेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्रूज से उतरकर हाथों में गंगाजल का कलश लेते ही घाट से लेकर गर्भगृह तक मौजूद बटुक व अर्चक रुद्री पाठ आरंभ कर देंगे। इसके साथ ही एलइडी के जरिए जुड़े काशी के सभी मठ, मंदिर व शिवालयों में शंखनाद व रुद्री पाठ शुरू हो जाएगा। पीएम के यजमान बनने से लेकर अनुष्ठान तक पूरी काशी मंत्रों से अभिसिंचित होती रहेगी। अयोध्या, मथुरा सहित प्रदेश भर के 27 हजार से ज्यादा मंदिरों को इस शृंखला से जोड़ा जा रहा है।
काशी विश्वनाथ धाम में पीएम की अगवानी डमरू दल करेगा। सुनहरी और नीली रोशनी से दमकते धाम के लोकार्पण समारोह की भव्यता देश ही नहीं पूरी दुनिया के सनातनधर्मी देखेंगे। शिव के पंचाक्षरी मंत्र के साथ ही रुद्री का अनवरत पाठ शिवभक्तों पर शिवकृपा बरसाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 साल 9 माह बाद 13 दिसंबर को बाबा के धाम का लोकार्पण करेंगे।
शहर भर में मंदिर परिसर से लेकर एक हजार स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाई जा रही है। जिस पर लोकार्पण समारोह का सीधा प्रसारण किया जाएगा। इसके साथ ही अयोध्या और मथुरा के अलावा देश भर के शिव मंदिरों में आयोजन की लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी।
पीएम के धाम में प्रवेश करते ही मंत्रोच्चार और शंखनाद से देश भर के शिवालय गूंज उठेंगे। काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रवियोग में बाबा विश्वनाथ का राजोपचार विधि से पूजन करेंगे। इसके साथ ही बाबा का धाम शिवभक्तों को लोकार्पित हो जाएगा।
पीएम ललिता घाट से हाथों में गंगाजल का कलश लेकर गर्भगृह तक पहुंचेंगे। पूजन-अर्चन के बाद पहले पंचामृत फिर विभिन्न नदियों के पवित्र जल से बाबा का अभिषेक करेंगे। चन्दन, विभूति, भस्म, माला, फूल, बेलपत्र, दूर्वा इत्यादि बाबा को समर्पित करने के बाद आरती उतारेंगे।
राजोपचार पूजन
प्रो. द्विवेदी ने बताया कि राजोपचार अर्थात राजसी ठाट-बाट के साथ राजा द्वारा किया जाने वाला पूजन होता है। राजोपचार पूजन में षोडशोपचार पूजन के अतिरिक्त छत्र, चंवर, पादुका, रत्न व आभूषण आदि विविध सामग्रियों व सज्जा से पूजा की जाती है।