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काउंसलिंग की ‘परीक्षा’ में विद्यापीठ फेल
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वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया छात्राें के लिए परेशानी का सबब बन गई है। दाखिले में शिकायतों का अंबार लगा है। कहीं अधिक नंबर होने के बाद दाखिला नहीं मिलने की शिकायत है तो कहीं फीमेल की जगह मेल दर्ज करने की शिकायत। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की समस्या को देखते हुए प्रवेश सेल को दोबारा शुरू किया है। प्रवेश सेल में काउंसलिंग की शिकायत लेकर पहुंचे छात्रों से कहासुनी भी हो गई।
गुरुवार को काशी विद्यापीठ में स्नातक, स्नातकोत्तर, प्रोफेशनल और पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम में दाखिले की शुरुआत के साथ ही छात्रों की परेशानी बढ़ गई। छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रवेश परीक्षा में नंबर अधिक आने के बाद भी उनसे कम नंबर वालों को दाखिला दिया जा रहा है। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि उनके आवेदन पत्र निरस्त होने की सूचना ही नहीं मिली। विश्वविद्यालय प्रशासन ने गुरुवार से छात्रों के आवेदन निरस्त होने की सूचना मोबाइल पर भेजना शुरू किया है।
दाखिला सूची में नाम नहीं होने से परेशान छात्र प्रशासनिक भवन से लेकर विज्ञान संकाय तक का चक्कर काटते रहे। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्होंने सामान्य सीट पर दाखिले के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनको स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम में सीट अलाट कर दी गई है। अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन को 200 से अधिक शिकायतें मिल चुकी हैं।
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गुरुवार को काशी विद्यापीठ में स्नातक, स्नातकोत्तर, प्रोफेशनल और पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम में दाखिले की शुरुआत के साथ ही छात्रों की परेशानी बढ़ गई। छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रवेश परीक्षा में नंबर अधिक आने के बाद भी उनसे कम नंबर वालों को दाखिला दिया जा रहा है। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि उनके आवेदन पत्र निरस्त होने की सूचना ही नहीं मिली। विश्वविद्यालय प्रशासन ने गुरुवार से छात्रों के आवेदन निरस्त होने की सूचना मोबाइल पर भेजना शुरू किया है।
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दाखिला सूची में नाम नहीं होने से परेशान छात्र प्रशासनिक भवन से लेकर विज्ञान संकाय तक का चक्कर काटते रहे। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्होंने सामान्य सीट पर दाखिले के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनको स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम में सीट अलाट कर दी गई है। अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन को 200 से अधिक शिकायतें मिल चुकी हैं।
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