{"_id":"5bc0630fbdec2247de37bbf5","slug":"kashi-vidyapith-student-election-campaign-end-today","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"काशी विद्यापीठ छात्रसंघ चुनाव: आज शाम थमेगा चुनाव प्रचार, इस एक बात से दावेदार टेंशन में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काशी विद्यापीठ छात्रसंघ चुनाव: आज शाम थमेगा चुनाव प्रचार, इस एक बात से दावेदार टेंशन में
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 12 Oct 2018 02:32 PM IST
विज्ञापन
गेट पर चस्पाए गए पोस्टर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में आज चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा। इस लिहाज से प्रत्याशियों और समर्थकों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। कैंपस में चुनाव प्रचार को लेकर खासी गहमागहमी है। अपने -अपने स्तर से सभी मतदाताओं को अपने पक्ष में वोट करने की अपील करते नजर आ रहे हैं। पूरे कैंपस की सड़कें पंफलेट और पोस्टरों से पटी हैं।
हॉस्टल में भी पूरे जोर- शोर से चुनाव प्रचार चल रहा है। काशी विद्यापीठ में 14 अक्तूबर को मतदान होना है। मतदान के तीस घंटे पूर्व यानी शुक्रवार की शाम चुनाव प्रचार बंद हो जाएंगे। मतदान को महज दो दिन शेष है और काशी विद्यापीठ छात्रसंघ चुनाव में बतौर प्रत्याशी उतरे छात्रों की टेंशन बढ़ गई है। वजह कई है, जिनसे मतदान का प्रतिशत घटने की चर्चा शुरू हो गई है।
खास वजह यह है कि इस बार प्रत्याशियों की संख्या ही कम है। वहीं दूसरी वजह किसी भी पद पर एक भी छात्रा का न खड़ा होना है। दबी जुबान में दावेदार से लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन भी मान रहा है कि इससे छात्राआें में मतदान को लेकर उत्सुकता कम हो सकती है। ऐसे में प्रत्याशियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मतदाताओं खास तौर पर छात्राआें को घर से निकालकर पोलिंग बूथ तक लाना है।
विज्ञापन
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में बीते साल 58.10 प्रतिशत वोटिंग हुई थीं। वहीं उसके पहले यही वोटिंग प्रतिशत 60.08 फीसदी था। इस बार वोटिंग प्रतिशत इससे नीचे आने की आशंका जताई जा रही है। जानकारों का कहना है कि इस चुनाव में प्रत्याशियों की संख्या कम है। ऐसे में वोटिंग प्रतिशत गिरना लाजमी है।
यही नहीं इस वक्त फेस्टिव सीजन भी मतदान कम होने की आशंका को बल दे रहा है। नवरात्र और दशहरे की वजह से अभी से ही कई विद्यार्थी अपने घर चले गए हैं। जिसका सीधा असर वोटिंग प्रतिशत पर पड़ सकता है। हालांकि प्रत्याशियों ने मतदाताआें को मतदान स्थल पर लाने की पूरी व्यवस्था कर रखी है।
विज्ञापन
हॉस्टल में भी पूरे जोर- शोर से चुनाव प्रचार चल रहा है। काशी विद्यापीठ में 14 अक्तूबर को मतदान होना है। मतदान के तीस घंटे पूर्व यानी शुक्रवार की शाम चुनाव प्रचार बंद हो जाएंगे। मतदान को महज दो दिन शेष है और काशी विद्यापीठ छात्रसंघ चुनाव में बतौर प्रत्याशी उतरे छात्रों की टेंशन बढ़ गई है। वजह कई है, जिनसे मतदान का प्रतिशत घटने की चर्चा शुरू हो गई है।
विज्ञापन
खास वजह यह है कि इस बार प्रत्याशियों की संख्या ही कम है। वहीं दूसरी वजह किसी भी पद पर एक भी छात्रा का न खड़ा होना है। दबी जुबान में दावेदार से लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन भी मान रहा है कि इससे छात्राआें में मतदान को लेकर उत्सुकता कम हो सकती है। ऐसे में प्रत्याशियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मतदाताओं खास तौर पर छात्राआें को घर से निकालकर पोलिंग बूथ तक लाना है।
विज्ञापन
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में बीते साल 58.10 प्रतिशत वोटिंग हुई थीं। वहीं उसके पहले यही वोटिंग प्रतिशत 60.08 फीसदी था। इस बार वोटिंग प्रतिशत इससे नीचे आने की आशंका जताई जा रही है। जानकारों का कहना है कि इस चुनाव में प्रत्याशियों की संख्या कम है। ऐसे में वोटिंग प्रतिशत गिरना लाजमी है।
यही नहीं इस वक्त फेस्टिव सीजन भी मतदान कम होने की आशंका को बल दे रहा है। नवरात्र और दशहरे की वजह से अभी से ही कई विद्यार्थी अपने घर चले गए हैं। जिसका सीधा असर वोटिंग प्रतिशत पर पड़ सकता है। हालांकि प्रत्याशियों ने मतदाताआें को मतदान स्थल पर लाने की पूरी व्यवस्था कर रखी है।
23 बूथों पर पड़ेंगे वोट, 10 बूथ छात्राओं के लिए
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ
- फोटो : अमर उजाला
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में 14 अक्तूबर को मतदान होना है। इस बार मतदान 23 बूथों पर होंगे। इसमें 10 बूथ छात्राओं के लिए निर्धारित है। मतदान स्थल मानविकी संकाय के प्रथम तल पर छात्राओं के लिए दस बूथ बनाए गए हैं, वहीं छात्रों के वोटिंग के लिए भूतल पर 13 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं।
किस मतदाता को किस बूथ पर वोट डालना है, इसकी जानकारी उन्हें उनके मोबाइल पर एसएमएस के जरिये दी जा रही है। इसके अलावा मतदाता विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर भी ये जानकारी हासिल कर सकते हैं। गुरुवार को प्रशासनिक भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में चुनाव अधिकारी प्रो. मुन्नीलाल और सहायक चुनाव अधिकारी डॉ. विजय कुमार रंजन ने बताया कि मतदाताओं के पास नोटा का भी विकल्प होगा। वोटिंग ओएमआर शीट पर करनी है।
ओएमआर शीट पर मतदान के लिए प्रत्याशी के नाम के आगे ब्लैक पेन से गोले को भरना होगा। इसके लिए पेन मतदान अधिकारी द्वारा ही दिया जाएगा। चुनाव अधिकारी ने बताया कि इस बार मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। इसलिए पिछली बार के मुकाबले तीन पोलिंग बूथ बढ़ाए गए हैं।
इस बार मतदाताओं की संख्या 8839 है। इसमें छात्रों की संख्या 5219 और छात्राओं की संख्या 3620 है। मतदान के लिए कुलानुशासक द्वारा निर्गत बार कोडेड परिचय पत्र ही मान्य होगा। चालान और फीस रसीद भी रखना अनिवार्य होगा। मतदान केंद्र पर मोबाइल, पेन व पेंसिल, कैमरा आदि प्रतिबंधित है।
किस मतदाता को किस बूथ पर वोट डालना है, इसकी जानकारी उन्हें उनके मोबाइल पर एसएमएस के जरिये दी जा रही है। इसके अलावा मतदाता विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर भी ये जानकारी हासिल कर सकते हैं। गुरुवार को प्रशासनिक भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में चुनाव अधिकारी प्रो. मुन्नीलाल और सहायक चुनाव अधिकारी डॉ. विजय कुमार रंजन ने बताया कि मतदाताओं के पास नोटा का भी विकल्प होगा। वोटिंग ओएमआर शीट पर करनी है।
ओएमआर शीट पर मतदान के लिए प्रत्याशी के नाम के आगे ब्लैक पेन से गोले को भरना होगा। इसके लिए पेन मतदान अधिकारी द्वारा ही दिया जाएगा। चुनाव अधिकारी ने बताया कि इस बार मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। इसलिए पिछली बार के मुकाबले तीन पोलिंग बूथ बढ़ाए गए हैं।
इस बार मतदाताओं की संख्या 8839 है। इसमें छात्रों की संख्या 5219 और छात्राओं की संख्या 3620 है। मतदान के लिए कुलानुशासक द्वारा निर्गत बार कोडेड परिचय पत्र ही मान्य होगा। चालान और फीस रसीद भी रखना अनिवार्य होगा। मतदान केंद्र पर मोबाइल, पेन व पेंसिल, कैमरा आदि प्रतिबंधित है।