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साइबर सुरक्षा के लिए साइबर शिक्षा का होना जरूरी
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वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की ओर से आयोजित वेबिनार में साइबर सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। बतौर मुख्य अतिथि एकेडमिक अवार्ड कमेटी सीएसआई के चेयरमैन प्रो. एके नायक ने कहा कि साइबर सुरक्षा के लिए साइबर शिक्षा की जानकारी होना बहुत जरूरी है। इसके माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी।
साइबर सुरक्षा का सामाजिक प्रभाव विषयक संगोष्ठी में प्रो. नायक ने कहा कि साइबर सुरक्षा के प्रति लोग जितना सतर्क रहेंगे, उतना ही साइबर अपराध पर नियंत्रण भी किया जा सकता है। केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड में कंप्यूटर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अध्यक्ष प्रो. एससी यादव ने साइबर स्पेस, साइबर अपराध और सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा की। कहा कि विश्व की कुल आबादी के 59 प्रतिशत लोग इंटरनेट का प्रयोग कर रहे हैं। हाल के वर्षो में साइबर अपराध 63 प्रतिशत बढ़ा है। केवल कोरोना काल में ही 72 प्रतिशत साइबर अटैक देश में हुआ है। इसके लिए जरूरी है कि डेटा, डिवाइस, कंप्यूटर आदि के दुरुपयोग से बचना होगा।
अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि इंटरनेट पर डेटा और डॉक्यूमेंट की सुरक्षा कैसे हो, इस पर विचार करने की आवश्यकता है। यूपी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. जीएस राठौर और काशी विद्यापीठ पत्रकारिता विभाग के प्रभारी डॉ. विनोद सिह ने भी साइबर क्राइम से जुड़ी जानकारी दी। अतिथियों का स्वागत, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रमेश कुमार सिंह, डॉ. रोहित कुमार, डॉ. केके सिंह, डॉ. सतीश कुशवाहा, प्रो. आरपी सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
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साइबर सुरक्षा का सामाजिक प्रभाव विषयक संगोष्ठी में प्रो. नायक ने कहा कि साइबर सुरक्षा के प्रति लोग जितना सतर्क रहेंगे, उतना ही साइबर अपराध पर नियंत्रण भी किया जा सकता है। केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड में कंप्यूटर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अध्यक्ष प्रो. एससी यादव ने साइबर स्पेस, साइबर अपराध और सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा की। कहा कि विश्व की कुल आबादी के 59 प्रतिशत लोग इंटरनेट का प्रयोग कर रहे हैं। हाल के वर्षो में साइबर अपराध 63 प्रतिशत बढ़ा है। केवल कोरोना काल में ही 72 प्रतिशत साइबर अटैक देश में हुआ है। इसके लिए जरूरी है कि डेटा, डिवाइस, कंप्यूटर आदि के दुरुपयोग से बचना होगा।
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अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि इंटरनेट पर डेटा और डॉक्यूमेंट की सुरक्षा कैसे हो, इस पर विचार करने की आवश्यकता है। यूपी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. जीएस राठौर और काशी विद्यापीठ पत्रकारिता विभाग के प्रभारी डॉ. विनोद सिह ने भी साइबर क्राइम से जुड़ी जानकारी दी। अतिथियों का स्वागत, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रमेश कुमार सिंह, डॉ. रोहित कुमार, डॉ. केके सिंह, डॉ. सतीश कुशवाहा, प्रो. आरपी सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
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