काशी विद्यापीठ: शासन ने तय की फीस, कॉलेज की मनमानी अब नहीं चलेगी; इतने रुपये ही ले सकेंगे प्रबंधन और संचालक
Varanasi News: शासन ने विश्वविद्यालयों व संबद्ध कॉलेजों में सेमेस्टर परीक्षा फीस 800 से 1500 रुपये तय की है। अधिक शुल्क वसूली की शिकायतों पर नया आदेश जारी हुआ। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ समेत संबद्ध कॉलेजों में इसका सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध महाविद्यालयों में सेमेस्टर परीक्षा की फीस को शासन ने तय कर दिया है। इसमें कोर्सवार (बीए, बीएससी, बीकॉम से लेकर एलएलबी, नर्सिंग तक) क्रमश: 800 से 1500 रुपये फीस अब छात्रों से ली जाएगी। हालांकि फीस का निर्धारण इसके पहले भी किया गया था, इसके बाद भी कुछ संस्थानों में अधिक फीस लेने की शिकायत शासन स्तर पर हुई थी। इसी वजह से नया आदेश जारी करना पड़ा। इधर आदेश जारी होने के बाद अब काशी विद्यापीठ से जुड़े कॉलेजों में इसका नए सिरे से पालन कराने की बात कुलसचिव ने कही है।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ मुख्य परिसर के साथ ही एनटीपीसी, गंगापुर कैंपस और इससे संबद्ध वाराणसी व चंदौली जिले के 222 कॉलेजों में स्नातक के अलग-अलग कोर्स में ही एक लाख से अधिक विद्यार्थी हैं। शासन की ओर से पहले से ही सेमेस्टर परीक्षा की फीस तय की गई है। इसका पालन विश्वविद्यालय सहित कुछ कॉलेजों में तो हो रहा है, लेकिन अभी भी बहुत से कॉलेज निर्धारित फीस से अधिक राशि छात्रों से ले रहे हैं।
इसकी शिकायत भी विश्वविद्यालय से लेकर शासन स्तर तक छात्रों ने की थी। अब विशेष सचिव उच्च शिक्षा गिरिजेश कुमार त्यागी ने कुलसचिवों को जो आदेश जारी किया है, उसमें कहा गया है कि विश्वविद्यालयों में परीक्षा शुल्क की समानता को लेकर 11 जुलाई, 2022 को भी आदेश जारी किया गया था।
इसमें कोर्सवार सेमेस्टर फीस तय की गई थी। इसके बाद भी कई जगहों पर निर्धारित परीक्षा शुल्क से अधिक शुल्क लिया जा रहा है। अब एक बार फिर से शासन ने परीक्षा फीस तय करते हुए इसका पालन कराने को कहा है।
सेमेस्टर परीक्षा की फीस का निर्धारण
- बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए, बीसीए, बीएफए, बीएड, बीपीएड, बीजेएमसी, बीवॉक - 800 रुपये प्रति सेमेस्टर
- एलएलबी, बीएससी एग्रीकल्चर (ऑनर्स), विधि (ऑनर्स), बीटेक, बीएससी बायोटेक, बीलिब - 1000 रुपये प्रति सेमेस्टर
- बीडीएस, नर्सिंग, बीएएमएस, बीयूएमएस - 1500 रुपये प्रति सेमेस्टर
शासन से जो सेमेस्टर परीक्षा फीस तय की गई है, विश्वविद्यालय और उससे जुड़े कॉलेजों में उसका पहले से अनुपालन कराया जा रहा है। अब जो नए सिरे से आदेश जारी किया गया है, उसके अनुसार सभी कॉलेजों को सेमेस्टर के हिसाब से यही फीस लेने को निर्देशित किया जाएगा। इसका पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - सुनीता पांडेय, कुलसचिव, काशी विद्यापीठ