काशी विद्यापीठ: कॉलेजों को नोडल सेंटर से मिलेंगी कॉपियां, 5 जिलों में इस दिन से शुरू होंगी UG-PG की परीक्षाएं
Varanasi News: काशी विद्यापीठ से जुड़े काॅलेजों में बीए, बीएससी, बीकॉम की पांचवें सेमेस्टर की परीक्षाएं पांच दिसंबर से शुरू होकर 22 दिसंबर तक सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेंगी। पीजी की परीक्षाएं पांच से 26 दिसंबर तक होंगी।
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध कॉलेजों में पांच दिसंबर से होने वाली परीक्षा को लेकर जिलेवार केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है। इस बार स्नातक और स्नातकोत्तर की परीक्षाओं के लिए पांच जिलों में 80 से अधिक केंद्र बनाए जाने हैं। इस सप्ताह केंद्रों की सूची फाइनल हो जाएगी। जिलेवार बनने वाले नोडल सेंटर से ही परीक्षा केंद्रों को कॉपियां मिलेंगी।
विश्वविद्यालय से संबद्ध वाराणसी के साथ ही भदोही, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र में बने कॉलेजों में स्नातक तृतीय व पांचवें सेमेस्टर के साथ ही पीजी की सेमेस्टर परीक्षाएं भी दिसंबर के पहले हफ्ते में होंगी। इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षा कार्यक्रम तो जारी कर दिया गया है, लेकिन अब तक केंद्र का निर्धारण फाइनल नहीं हो सका है।
जिलेवार केंद्रों का निर्धारण करते समय छात्र संख्या के अनुसार सभी व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है, जिससे कि परीक्षा के समय किसी तरह की असुविधा न हो। इधर, परीक्षा विभाग भी केंद्र निर्धारण के साथ ही छात्र संख्या के अनुसार कॉपियों को केंद्रों पर भिजवाने की तैयारी में लगा है।
परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा ने बताया कि केंद्रों का निर्धारण दो-तीन दिन के भीतर कर दिया जाएगा, जिसकी सूची वेबसाइट पर जारी कर दी जाएगी। पूर्व की भांति जिलेवार नोडल सेंटर भी बनाए जाएंगे।
परीक्षा की समय सारिणी
- बीए, बीएससी, बीकॉम तृतीय सेमेस्टर : 5 दिसंबर से 18 दिसंबर तक। दोपहर 2 से 4 बजे तक
- बीए, बीएससी, बीकॉम पांचवें सेमेस्टर : 5 दिसंबर से 22 दिसंबर तक। सुबह 10 से 12 बजे तक
- एमकॉम तृतीय सेमेस्टर : 5 दिसंबर से 17 दिसंबर तक। दोपहर 2 से 4 बजे तक
- एमए, एमससी तृतीय सेमेस्टर : 10 दिसंबर से 26 दिसंबर तक। दोपहर 2 से 4 बजे तक
विद्यापीठ के प्रो.केके सिंह को विश्व हिंदी सम्मान
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में कुलानुशासक और पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ के निदेशक प्रो. कृष्ण कुमार सिंह को विश्व हिंदी सेवा सम्मान से नवाजा गया है। विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित विश्व हिंदी सम्मेलन 2025 में प्रो. कृष्ण कुमार सिंह ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। प्रो. सिंह को दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ में हिंदी भाषा में शत प्रतिशत कार्य करने और हिंदी में पुस्तकों के प्रकाशन के लिए सम्मानित किया गया।