काशी विद्यापीठ और संबद्ध महाविद्यायों के छात्र अब मूल्यांकन को दे सकेंगे चुनौती, लापरवाही में नपेंगे परीक्षक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थी अब मूल्यांकन को चुनौती दे सकेंगे। नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रहित में नई व्यवस्था को लागू करने का निर्णय लिया है। नए सत्र से ही छात्र लाभ उठा सकेंगे। पुनर्मूल्यांकन के बाद अंकों में अंतर होने पर परीक्षक पर भी कार्यवाही की जाएगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को दो चरणों में छात्रों को यह सुविधा देने का निर्णय लिया है। इसके तहत परीक्षाफल घोषित होने के 30 दिनों के अंदर आवेदन के पहले चरण में छात्रों को उत्तर पुस्तिका को देखने की सुविधा मिलेगी। असंतुष्ट होने पर छात्र दूसरे चरण में कापी के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
छात्रों को प्रति उत्तर पुस्तिका के अवलोकन के लिए 300 रुपये और पुनर्मूल्यांकन के लिए 2500 रुपये शुल्क जमा करना होगा। दो विषय विशेषज्ञों की टीम कापियों का मूल्यांकन करेगी। इस दौरान छात्र को मिले अंक छिपाकर ही कापियां (स्कैन की हुई) मूल्यांकन के लिए सौंपी जाएगी। दोनों विषय विशेषज्ञों द्वारा दिए गए अंकों का औसत निकाला जाएगा। यह औसत अंतिम होगा और यही छात्र के अंकपत्र में दर्ज होगा।
यदि औसत और मूल प्राप्तांक में 20 फीसदी का अंतर हुआ तो मूल परीक्षक को नोटिस भेजा जाएगा। पारिश्रमिक रोकने के साथ ही दो साल के लिए परीक्षा मूल्यांकन से डी बार कर दिया जाएगा। कार्यवाही को परीक्षक की सर्विस बुक में भी दर्ज किया जाएगा। साथ ही छात्र को 1000 रुपये मूल्यांकन शुल्क काटकर वापस किया जाएगा।
कुलसचिव डॉ. एसएल मौर्या ने बताया कि छात्रों के हित में चुनौती मूल्यांकन की सुविधा को लागू किया जा रहा है। परीक्षा समिति ने भी इस पर अपनी मुहर लगा दी है। नए सत्र से छात्रों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा।
चुनौती मूल्यांकन की ऐसे मिलेगी सुविधा
- परीक्षाफल घोषित होने के30 दिनों के अंदर 300 रुपये प्रति विषय शुल्क देकर छात्र कर सकते हैं उत्तर पुस्तिका देखने के लिए आवेदन
- परीक्षाफल से असंतुष्ट होने पर 45 दिनों के अंदर 2500 रुपये शुल्क के साथ कर सकते हैं दोबारा मूल्यांकन केलिए आवेदन
- काशी विद्यापीठ से संबद्ध वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली और भदोही के छात्रों को मिलेगा सुविधा का लाभ
- मूल्यांकन के बाद 20 फीसदी के अंतर होने पर परीक्षक को किया जाएगा डीबार, रोका जाएगा पारिश्रमिक
- छात्र का दावा सही मिलने पर छात्र को 2500 रुपये में से एक हजार रुपये मूल्यांकन शुल्क काटकर शेष धनराशि की जाएगी वापस।