बाबा काशी विश्वनाथ पर नहीं चढ़ेगा पैकेट वाला दूध, मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए की ये व्यवस्था
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काशी पुराधिपति बाबा विश्वनाथ का अभिषेक अब पाश्चयुराइज्ड दूध से नहीं बल्कि कच्चे दूध से ही किया जा सकेगा। इसके लिए दूध भी मंडी से मंगाकर श्रद्धालुओं को मुहैया कराया जाएगा। मंगलवार को काशी विश्वनाथ न्यास की बैठक में इसका फैसला लिया गया।
बैठक में काशी विश्वनाथ मंदिर के निर्माल्य से बनने वाली अगरबत्ती के टेंडर पर निर्णय लिया गया। इसके अलावा काशी विश्वनाथ मंदिर कार्यालय को अस्थाई तौर पर चित्रा सिनेमा की जमीन में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद की मंगलवार को मंडलायुक्त सभागार में हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। अब तक मंदिर में स्थानीय के साथ ही देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु पाश्चयुराइज्ड दूध चढ़ाते थे। लेकिन अब मंडी से खरीदा कच्चा दूध चढ़ेगा
बैठक में संकट हरण हनुमान मंदिर के अधिग्रहण पर भी मुहर लग गई। न्यास परिषद की बैठक में बाबा को अमूल के पैकेट दूध चढ़ाने पर आपत्ति जताई गई। उन्होंने पौराणिक मान्यताओं का हवाला देते हुए कहा कि अमूल का दूध कंटामिनेटेड होता है। बाबा के अभिषेक के लिए मंडी से दूध खरीदा जाएगा उसी दूध से अभिषेक होगा।
इस बीच मंदिर से सटे संकट हरण हनुमान मंदिर के अधिग्रहण के बाद उस परिसर को गौशाला में तब्दील कर वहां गाय पाली जाएगी और वहीं का दूध बाबा को चढ़ाया जाएगा। बैठक ने रामघाट स्थित मेहता अस्पताल को खरीदने की मंजूरी दी गई है। न्यास परिषद की बैठक में मंदिर के नियमित व आउट सोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन में विसंगति को दूर करने के लिए वित्त निदेशक की अध्यक्षता में समिति गठित की गई।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की बैठक में अमूल के दूध पर रोक का निर्णय लिया गया है। मंडी से कच्चे दूध से बाबा का अभिषेक होगा। मंदिर को अस्थाई तौर पर शिफ्ट करने के लिए किराए का भवन लिया जाएगा।