काशी तमिल संगमम: केंद्रीय मंत्री मुरुगन बोले- काशी के जल से रामेश्वरम में होता है अभिषेक, पीएम का जताया आभार
काशी तमिल संगमम में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. एल मुरुगन ने स्वागत भाषण में प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि दक्षिण भारत का उत्तर भारत से मिलन हो रहा है।
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काशी तमिल संगमम में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. एल मुरुगन ने स्वागत भाषण में प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि दक्षिण भारत का उत्तर भारत से मिलन हो रहा है। भगवान राम ने सेतुबंध के समय रामेश्वरम में शिवलिंग की स्थापना की थी। रामेश्वरम में काशी और प्रयागराज संगम से जल लेकर तमिल लोग बाबा का अभिषेक करते हैं।
उन्होंने कहा, काशी के लोग रामेश्वरम के जल से बाबा विश्वनाथ का अभिषेक करते हैं। यह सदियों पुरानी परंपरा है। काशीयात्रा पर आने वाले लोग पहले गंगा स्नान करते हैं। इसके बाद अपने पूर्वजों का तर्पण कर बाबा विश्वनाथ का दर्शन पूजन करते हैं। तमिल लोगों की इच्छा होती है कि वे काशी आएं।
यहां के अलावा वे प्रयागराज जाते हैं। अच्छी बात है कि इस बार काशी आने वाले तमिल लोगों को सरकार प्रयागराज और अयोध्या भी ले जा रही है। काशी में तमिल से आए आधीनम (धर्माचार्य) का सम्मान किया गया, ये हमारे लिए गर्व की बात है। राज्यमंत्री के पास सूचना एवं प्रसारण, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन मंत्रालय है।
सीएम योगी बोले- एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार कर रहा संगमम
काशी तमिल संगमम के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान शिव के मुख से जो दो भाषा निकली, उसमें तमिल व संस्कृत मुख्य रहा, जो आज समृद्ध है और समाज में सद्भाव व समरसता बनाए हुए है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तमिलनाडु के अधीनम और छात्रों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। सीएम ने अपना संबोधन वणक्कम और हर हर महादेव से शुरू किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु के तेनकाशी में काशी से शिवलिंग ले जाकर विश्वनाथ मंदिर की स्थापना की गई थी। भगवान राम ने वहां रामेश्वरम शिवलिंग की स्थापना की थी। यहां काशी में बाबा विश्वनाथ हैं। काशी में तमिल कार्तिक मास की अवधि में काशी तमिल संगमम का आयोजन आजादी के अमृत काल में हो रहा है, जो पीएम की एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से संस्कृति का आदान-प्रदान होगा। सभी भारतीय भाषाएं समावेशी सांस्कृतिक प्रेरणा का स्रोत रही हैं। काशी में एक महीने तक चलने वाले कार्यक्रम के लिए मंगलमय शुभकामनाएं दीं।