फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   kashi sawn mela, Cannabis price going costly

सावन मेलाः भोले की नगरी में बाबा की बूटी के नाम पर मची है लूट

Mon, 10 Jul 2017 02:45 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Mon, 10 Jul 2017 02:45 PM IST
विज्ञापन
kashi sawn mela, Cannabis price going costly
20 रुपये किलो की भांग बाजार में बिक रही है 60 गुना अधिक दाम पर - फोटो : अमर उजाला
भोले की नगरी में सावन लगते ही जहां बाबा की बूटी की खपत बढ़ गई है, वहीं इसके शौकीन भक्तों की जेब इस कदर ढीली की जा रही है कि आप सोच भी नहीं सकते। मनमाना मुनाफाखोरी की जा रही है।
विज्ञापन


आबकारी विभाग से 20 रुपये प्रति किलो भांग खरीदकर दूकानदार आठ सौ से 12 सौ रुपये किलो तक बेच रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक मनमाने दर पर बाबा की बूटी बिकने की शिकायतें भी मिलीं हैं। 
विज्ञापन


दरअसल सावन के आते ही जिले में भांग की मांग बढ़ जाती है। इसका फायदा उठाते हुए दूकानदारों ने दाम भी बढ़ा दिए हैं। गोदौलिया, लक्सा, दशाश्वमेध, भेलूपुर आदि क्षेत्रों में रविवार की देर रात तक भांग की दूकानों पर भीड़ लगी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन


आबकारी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक एक साल में करीब 410 क्विंटल भांग बिकती है। महीने में यह आंकड़ा 30 क्विंटल के आसपास होता है। सावन में 30 क्विंटल की बिक्री बढ़कर 60 क्विंटल हो जाती है। इस बार सावन के महीने में 70 क्विंटल बिक्री होने की उम्मीद है। 

आबकारी विभाग 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से ठेकेदारों को भांग देता है लेकिन ठेकेदार उसे किस रेट पर बेचते हैं, इसकी निगरानी विभाग नहीं करता। निगरानी न होने से दूकानदार मनमाने दाम पर भांग बेचते हैं।

जिला आबकारी अधिकरी करुणेंद्र सिंह ने बताया कि सावन में बिक्री दोगुनी हो जाती है। लक्सा क्षेत्र के एक दुकानदार ने बताया कि बाबा की सूखी बूटी आठ सौ रुपये किलो है, जबकि पीसी हुई गोली 12 रुपये की मिलती है।  

धतूरा और बेल पत्र की बढ़ी मांग

kashi sawn mela, Cannabis price going costly
सावन का पहला सोमवार आज है। इसके साथ ही भगवान भोलेनाथ का प्रिय धतूरा, बेल  पत्र और मदार के फूलों की माला की मांग बढ़ गई है। शहर के प्रमुख मंदिरों के अलावा छोटे शिवालयों के बाहर रात से ही दुकानें सज गईं। दुकानदारों ने पहले सेे ही पर्याप्त मात्रा में इनकी व्यवस्था कर ली थी। आम दिनों की अपेक्षा सावन में इनके दाम भी अधिक होंगे।
फूलमाला के व्यापारियों की माने तो आम दिनों की तुलना में सोमवार के दिन चार गुना से अधिक मदार की माला, धतूरा और बिल्व पत्र की खपत होती है। एक अनुमान के अनुसार विश्वनाथ मंदिर में आम दिनों में 100 किलो से ज्यादा मदार की माला चढ़ाई जाती है तो सावन में हर एक सोमवार को तकरीबन पांच सौ किलो के भी पार पहुंच जाता है। धतूरा आम दिनों में जहां 25-30 किलो चढ़ता है तो सावन में सोमवार को तकरीबन ढाई सौ किलो। आम दिनोें में बिल्वपत्र 50 किलो के लगभग चढ़ता है। सावनी सोमवार में तीन से चार सौ किलो तक बिल्व पत्र चढ़ता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed