{"_id":"5702d17d4f1c1bfe52c817f0","slug":"kashi-s-daughter-had-become-world-champion","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्व विजेता बनने चली काशी की बेटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विश्व विजेता बनने चली काशी की बेटी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 05 Apr 2016 02:11 AM IST
विज्ञापन
कीर्तिमान की ओर...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कथक में विश्व रिकार्ड बनाने के लिए नृत्यांगना सोनी चौरसिया सोमवार की शाम एक बार फिर मंच पर उतरीं। मोहनसराय के माउंट लिट्रा स्कूल में छह दिनों तक चलने वाले मैराथन नृत्य की शुरूआत शाम छह बजे हुई। नृत्य का यह सफर रिकार्ड बनाने के लिए नौ अप्रैल की रात नौ बजे तक चलेगा। वह केरल के त्रिचूर की नृत्यांगना हेमलता कमंडलु के 123 घंटा 20 मिनट के विश्व रिकार्ड को तोड़ने के लिए प्रशासन की मौजूदगी में मंच पर उतरी हैं।
पहली बार किसी तरह रिकार्ड बनाने से चूकने के बाद सोनी इस बार नया रिकार्ड बनाने के लिए है। आर्य महिला पीजी कॉलेज के प्रबंधक डॉ. शशिकांत दीक्षित और माउंट लिट्रा स्कूल की प्रिंसिपल अंजना देव ने दीप जलाकर इस विश्व अभियान में सोनी के विजेता होने की कामना की। इसके बाद शाम छह बजे पैरों में घुंघरू बांधकर सोनी मंच पर उतरीं। जिला प्रशासन की ओर से मॉनीटरिंग के लिए लगाए गए एबीएसए आराजीलाइन असकंद गुप्ता, आराजी लाइन जक्खिनी के मॉडल स्कूल के प्रधानाचार्य जयराम सिंह की मौजूदगी में नृत्य शुरू हुआ। इस मौके पर सोनी के पिता श्याम चंद्र चौरसिया, मां मधु चौरसिया और नृत्य गुरु राजेश डोगरा भी उपस्थित थे। सोनी के मंच पर उतरने से पहले डॉ. नीरज खन्ना के देखरेख में डॉ. स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
डॉ. एसएस पांडेय ने फिजियोथिरेपी की। विश्व कीर्तिमान के इस अभियान के दौरान सोनी के संतुलित आहार और खानपान की जिम्मेदारी डाइटिशियन डॉ. गोल्डी अरोरा संभाल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष 14 नवंबर को आर्य महिला पीजी कॉलेज में सोनी ने बिना रुके 123 घंटा 20 मिनट तक नृत्य करने वाली हेमलता कमंडलु के विश्व रिकार्ड को तोड़ने के लिए नृत्य अभियान शुरू किया था लेकिन 87 घंटे 18 मिनट के बाद वह आगे नहीं बढ़ सकी थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पहली बार किसी तरह रिकार्ड बनाने से चूकने के बाद सोनी इस बार नया रिकार्ड बनाने के लिए है। आर्य महिला पीजी कॉलेज के प्रबंधक डॉ. शशिकांत दीक्षित और माउंट लिट्रा स्कूल की प्रिंसिपल अंजना देव ने दीप जलाकर इस विश्व अभियान में सोनी के विजेता होने की कामना की। इसके बाद शाम छह बजे पैरों में घुंघरू बांधकर सोनी मंच पर उतरीं। जिला प्रशासन की ओर से मॉनीटरिंग के लिए लगाए गए एबीएसए आराजीलाइन असकंद गुप्ता, आराजी लाइन जक्खिनी के मॉडल स्कूल के प्रधानाचार्य जयराम सिंह की मौजूदगी में नृत्य शुरू हुआ। इस मौके पर सोनी के पिता श्याम चंद्र चौरसिया, मां मधु चौरसिया और नृत्य गुरु राजेश डोगरा भी उपस्थित थे। सोनी के मंच पर उतरने से पहले डॉ. नीरज खन्ना के देखरेख में डॉ. स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
विज्ञापन
डॉ. एसएस पांडेय ने फिजियोथिरेपी की। विश्व कीर्तिमान के इस अभियान के दौरान सोनी के संतुलित आहार और खानपान की जिम्मेदारी डाइटिशियन डॉ. गोल्डी अरोरा संभाल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष 14 नवंबर को आर्य महिला पीजी कॉलेज में सोनी ने बिना रुके 123 घंटा 20 मिनट तक नृत्य करने वाली हेमलता कमंडलु के विश्व रिकार्ड को तोड़ने के लिए नृत्य अभियान शुरू किया था लेकिन 87 घंटे 18 मिनट के बाद वह आगे नहीं बढ़ सकी थीं।
विज्ञापन