फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Kashi in parliament 'religion' declaration Call

काशी में ‘धर्म संसद’ बुलाने का एलान

Fri, 09 Oct 2015 01:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Fri, 09 Oct 2015 01:56 AM IST
विज्ञापन
Kashi in parliament 'religion' declaration Call
गंगा में मूर्ति विसर्जन पर शास्त्रोक्त समाधान के लिए काशी में जल्द ही ‘धर्म संसद’ बुलाई जाएगी। इसमें देश भर के धर्माचार्य, संत, पर्यावरणविद् और विद्वान शामिल होंगे। सनातन धर्म की परंपरा के अनुसार इस ‘धर्म संसद’ में विसर्जन पर फैसला लिया जाएगा। विसर्जन के सवाल पर श्री विद्यामठ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा। यह जानकारी गुरुवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पत्रकारों से बातचीत में दी।
विज्ञापन


केदारघाट स्थित विद्यामठ में गुरुवार की शाम पत्रकारों से बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि मूर्ति विसर्जन और अविरल गंगा के सवाल पर धर्म संसद में चर्चा कराई जाएगी। काशी में होने वाली इस धर्म संसद की तिथि ज्योतिष, द्वारका-शारदा पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से वार्ता कर जल्द ही तय की जाएगी। अन्याय प्रतिकार यात्रा के दौरान गोदौलिया चौराहे पर हुए बवाल में नामजदगी के बाद पहली बार मीडिया से रूबरू स्वामी ने कहा कि मूर्ति विसर्जन के मसले पर शासन-प्रशासन
विज्ञापन


को समझना होगा कि सनातन धर्म अपने धर्मशास्त्र से ही निर्देशित होता है। मूर्ति में प्राण-प्रतिष्ठा का विधान और पूजा की पद्धति के बारे में धर्मशास्त्र ही हमें बताता है। देश के हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता संविधान में दी गई है। जबकि मूर्ति विसर्जन के संबंध में उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए बीते दिनों वाराणसी के जिला प्रशासन ने गणेश प्रतिमा के विसर्जन से भक्तों को रोक दिया था। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उच्च न्यायालय के आदेश को समझने पर जोर दिया। कहा कि न्यायालय
विज्ञापन
विज्ञापन


का आदेश गंगा को प्रदूषित करने से रोकना हो सकता है लेकिन हमारी परंपराओं को रोकना कदापि नहीं हो सकता। ऐसे में प्रशासन को विद्वानों, न्यायविदों के साथ मिलकर इस संबंध में रास्ता निकालना चाहिए। ताकि न्यायालय की अवमानना भी न हो और सनातनधर्मी अपने विधि-विधान भी पूरा कर सकें। उन्होंने बताया कि वह खुद इस मामले को लेकर उच्चतम न्यायालय जाएंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed