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राष्ट्रीय पटल पर चमके काशी के मेधावी

Wed, 11 May 2016 02:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Wed, 11 May 2016 02:11 AM IST
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Kashi brilliant shine on the national arena
आर्तिका अपने माता-पिता के साथ्‍ा।
सिविल सर्विसेज परीक्षा में देश भर में चौथा स्थान पाने वाली आर्तिका शुक्ला अपनी उपलब्धि से गदगद हैं। अमर उजाला से बातचीत में आर्तिका ने कहा कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती, इसी मंत्र को ध्यान में रखकर उन्होंने परीक्षा की तैयारी की था। जो नतीजा आया, उससे संतुष्ट हूं।
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मां लीना शुक्ला की प्रशंसा करते हुए कहा कि परीक्षा की तैयारी के दौरान जब भी मन विचलित हुआ, मां का सहारा मिला। मां ने कभी कोई कमी महसूस नहीं होने दी। आर्तिका ने कहा कि युवाओं में असीम ऊर्जा का भंडार है, बस उन्हें सही मार्गदर्शन की जरूरत है। इसके अभाव में बहुत से लोग लक्ष्य से भटक जाते हैं। कहा कि चिकित्सकीय सेवा के दौरान जो समाजसेवा का अनुभव मिला है, प्रशासनिक सेवा में उसका बहुत लाभ मिलेगा। बताया कि चार-पांच घटें की पढ़ाई कर उन्होंने यह सफलता हासिल की है।
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सिविल सर्विसेज में 145वीं रैंक हासिल कर आईएएस के लिए चयनित प्रीति मिश्रा ने काशी का मान बढ़ाया है। यह कामयाबी उन्हें दूसरे प्रयास में मिली। पहली बार उन्हें  526वीं रैंक हासिल हुई थी। तब उनका चयन आईआरएस के लिए हुआ था लेकिन आईएएस बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए नौकरी ज्वाइन करने की बजाय अपनी पढ़ाई जारी रखी। प्रीति ने ‘अमर उजाला’ से अपनी कामयाबी की खुशियां साझा कीं। कहा कि आईएएस बनना सपना था, जो आज पूरा हो गया। 24 साल की प्रीति ने बताया कि 2013 में उन्होंने राव आईएएस कोचिंग में दाखिला लिया था। उसके बाद वे दिल्ली चली गईं और वहीं रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी की। प्रीति के पिता पशुपति नाथ मिश्रा रिटायर्ड कस्टम सुपरिंटेंडेंट हैं जबकि उनकी मां पार्वती देवी गृहिणी हैं।
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वहीं, भक्तिनगर, पांडेयपुर के निवास छोटेलाल चौहान के पुत्र यमुनाधर चौहान ने सिविल सर्विसेज में 871वीं रैंक हासिल की है। भारतीय राजस्व सेवा के लिए उनका चयन हुआ है। इससे पहले यमुनाधर ने यूपी पीसीएस 2015 में कामयाबी हासिल की थी। फिलहाल वह सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उधर, जौनपुर के सुजानगंज थाना क्षेत्र के बेलवार गांव निवासी पीसीएस अधिकारी राजेश सिंह की पत्नी डाॅ. प्रियंका सिंह ने 362वीं रैंक हासिल की है। प्रियंका के पिता पीएन सिंह पूर्वोत्तर रेलवे में डिप्टी एसएस पद से रिटायर्ड हुए हैं। माता कृष्णा सिंह गृहणी हैं। वह वाराणसी के हंसनगर कालोनी, महावीर मंदिर के निवासी हैं। 
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